दाहोद:गुजरात के दाहोद से सटे नानीसारसी गांव की सीमा से बीते मंगलवार को एक 19 वर्षीय एक युवक का शव बरामद हुआ था. जांच में पता चला था कि युवक की गला रेतकर कर हत्या की गई थी. इस हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने आज 17, 15 व 14 साल के तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है. वहीं तीनों ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है. उन्होंने पूछताछ में बताया कि मृतक ने मुख्य आरोपी से एक लाख रुपए ब्याज में लिए थे. Also Read - करोड़पति किसान ने 10 लड़कियों से की शादी, फिर भी गोद लेना पड़ा बेटा, चौंकाने वाले तरीके से हुई...

इस घटना के 17 वर्षीय मुख्य आरोपी ने बताया कि उसने डबगर वाड में रहने वाले जगदीश देवड़ा (19) से करीब आठ महीने पहले 20 हजार रुपये ब्याज में लिए थे. पैसा सही समय पर न लौटाने के कारण ये पैसे 20 हजार रुपए के अब 1 लाख रुपए हो चुके थे. मृतक हर बार अपने पैसे वापस मांगने का दबाव डालता रहता था. इसी बात से परेशान होकर उसने जगदीश की हत्या की योजना बनाई. वहीं हत्या करने का पूरा प्लान उसने टीवी सीरियल ‘सावधान इंडिया’ को देखकर तैयार किया था. Also Read - प्रेमी के साथ अवैध संबंध बना रही थी पत्नी तभी पहुंच गया पति, फिर जो हुआ उसे जानकर रूह कांप जाएगी

हत्या की योजना बनाने के बाद मुख्य आरोपी ने अपने दो और दोस्तों को पैसों का लालच देकर इस योजना में शामिल कर लिया, जिनकी उम्र क्रमशः 14 व 15 वर्ष है. Also Read - महाराष्ट्र और राजस्थान के बाद अब यूपी में ईंट से पीट कर पुजारी की निर्मम हत्या, घटना स्थल की फारेंसिक जांज शुरू

इस सबके बाद उसने जगदीश को एक फर्जी कहानी गढ़ते हुए कहा कि उसने नानिसारसी गाँव के पास सोने से भरी पेटी जमीन में गाड़ रखी है. साथ में यह भी कहा कि, वो आ रहा है तो साथ में पेटी का ताला तोड़ने के लिए हथोड़ी भी साथ ले आए.

मुख्य आरोपी की बात सुनकर मृतक भी लालच में आ गया और सोमवार रात अकेले ही उस गाँव पहुँच गया. इसके बाद तीनों किशोरों ने एक सुनसान जगह पर जाकर गड्ढा खोदने का नाटक किया, और जैसे ही जगदीश झुका वैसे ही मुख्य आरोपी ने मृतक के सर पर हथोड़ी से लगातार तीन वार किए. वही दूसरे किशोर के पैर पकड़ते ही तीसरे किशोर ने जगदीश के पेट में कटार घोंप दी. जब उन्हें लगा कि जगदीश की साँसे अभी भी चल रही हैं तो अपने साथ खरीद कर लाए पेट्रोल (Petrol) को उसके ऊपर छिड़ककर आग लगा दी.

इस घटना में शव के शिनाख्त होने के बाद जब पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो उन्होंने पाया कि मृतक जगदीश के साथ वे तीनों नाबालिग (Teenager) नज़र आये. इस तरह पुलिस ने जैसे ही 17 साल के मुख्य आरोपी को अपने हिरासत में लिया वैसे ही इस पूरे मामले का भंडाफोड़ हो गया.