राजकोट: अत्याधुनिक युग में जहां हर व्यक्ति अपने मन मुताबिक जीवन यापन करना चाहता है तो वहीं आज भी कई ऐसे परिवार हैं जहां लोग जॉइन्ट फैमिली में रहना पसंद करते हैं. जो संयुक्त की परिभाषा को समझते है और अपने जीवन में उसकी अहमियत भी रखते हैं. ऐसा ही एक परिवार राजकोट जिले के गोंडल का पटखोली गाँव में रहने वाला है. जहां 108 साल की बुजुर्ग रलियत बा और उनका लम्बा-चौड़ा 101 सदस्यों का संयुक्त परिवार का सबसे बड़ा उदहारण है. लेकिन इस परिवार की मुखिया स्वस्थ जीवन जीने वाली बुजुर्ग रलियत बा (108) ने दुनिया को अलविदा कह दिया है.Also Read - #WorldAIDSDay: हर दो मिनट में एक बच्चा हुआ संक्रमित, जागरुकता के लिए बच्चों ने बनाई ह्यूमन चेन

रलियत बा अपनी चौथी पीढ़ी को देख चुकी हैं, रलियत बा के बारे में परिवार के लोग बताते हैं कि 108 साल की उम्र में वह कभी भी अस्पताल नहीं गई. परिजनों के मुताबिक, उन्होंने अपने अंतिम दिनों में भी अन्न व जल का त्याग कर दिया था. जैस उन्हें इस बात का अंदाजा हो गया था कि अब उनके जाने की अंतिम घड़ी आ गई है. Also Read - Tika Nahi To Entry Nahi: टीका नहीं लेने वालों को यहां मॉल, रेस्तरां, सिनेमाघर और इन जगहों पर एंट्री नहीं; जानें पूरा फैसला

आपको बता दें कि इस परिवार की मुखिया रलियत बा के पति का निधन 1974 में हार्ट अटैक की वजह से हो गया था. तत्कालीन समय 4 बेटे और 3 बेटियों में सबसे बड़े 35 साल के बेटे उकाभाई थे. जबकि अभी भी बड़े बेटे उकाभाई की उम्र 82 साल व दूसरे, तीसरे की क्रमशः 74 और 71 वर्ष है. वहीं, रलियत बा की चौथी बेटी 68 साल, पांचवी 65, छठी बेटी 62 और सातवी बेटी 60 साल की है. बता दें कि रलियत बा के सात बच्चों वाले परिवार में कुल 101 सदस्य है. परिवार वालों ने बताया कि रलियत बा परिवार में होने वाली छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज घरेलू उपचारों से ही करती थी. Also Read - Gujarat: शेर के सामने चारे के रूप में गाय रखने का Video वायरल होने के बाद 12 लोगों पर मामला दर्ज