जींद (हरियाणा): आज किसान आंदोलन (Kisan Andolan) खत्म करने की घोषणा कर दी गई है. अब हरियाणा में जींद के किसान नेताओं ने घोषणा की कि अब वे भाजपा-जजपा नेताओं का बहिष्कार नहीं करेंगे और दोनों दलों के नेता गांवों में आकर जनसभा कर सकते हैं. आंदोलन करने वाले 40 किसान संगठनों का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha) ने तीन विवादास्पद कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ एक साल से अधिक समय से जारी प्रदर्शन को स्थगित करने का फैसला किया और घोषणा की है कि किसान 11 दिसंबर को दिल्ली की सीमाओं वाले विरोध स्थलों से घर लौट जाएंगे.Also Read - UP Election 2022: ग्रेटर नोएडा में अमित शाह का ‘प्रभावी मतदाता संवाद’, कहा- यूपी चुनाव 20 साल के लिए दिशा तय करेंगे

महिला किसान नेता सिक्किम देवी ने कहा, “किसानों की जीत हुई है और जब दिल्ली सीमा से हरियाणा में किसान आएंगे तो उनका भव्य स्वागत किया जाएगा और जल्द ही टोल को भी खाली किया जाएगा.” उन्होंने कहा, “ अब हम भाजपा और जजपा के नेताओं का बहिष्कार नही करेंगे. अब वे गांव में आ जा सकते हैं और कोई भी रैली या जनसभा कर सकते है. किसान अब विरोध नहीं करेंगे.” Also Read - Punjab Eections 2022: BJP ने 27 उम्मीदवारों की जारी की एक और List

किसान नेता आजाद पालवां का कहना है की उचाना में राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसानों की आखरी ट्रॉली नहीं गुजरने लंगर की सेवा सुचारू रूप से चलती रहेगी. उन्होंने कहा कि खटकड़ टोल प्लाजा पर चल रहे धरना को भी 11 दिसम्बर को खत्म कर दिया जाएगा. Also Read - UP Elections 2022: अमित शाह ने बीजेपी के पक्ष में डोर-टू- डोर पर्चे बांटे, सपा-बसपा पर हमला किया