Farmers Protest in India: केंद्र के तीन कृषि बिलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं में शनिवार (10 अप्रैल, 2021) को आपसी मतभेद नजर आए. दरअसल आज संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने हरियाणा में कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे ब्लॉक करने का आह्वान किया. मगर प्रदर्शन कर रहे किसान इसके खिलाफ हैं. उन्होंने कहा कि वो SKM के एक्सप्रेसवे ब्लॉक का समर्थन नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि हमने किसान मोर्चा के अब तक सभी निर्देशों का पालन किया है मगर यह कटाई का मौसम है. हमने लोगों से कहा कि वो काम करें.Also Read - Farmers Protest: राकेश टिकैत ने भारत की जांच एजेंसियों पर उठाए सवाल, UN जाने के पक्ष में बोले

एएनआई ने ब्लॉक कमेटी सदस्य (BCM) सदस्य राजकुमार से इस संबंध में बात की. उन्होंने कहा कि शुक्रवार को किसान ट्रैक्टरों के साथ यहां आ रहे थे. हमने उनसे यहां आने के बजाय काम पर जाने की अपील की. हमें कामगारों को प्रभावित नहीं होने देना चाहिए. उनकी भी देखभाल करनी चाहिए. एक्सप्रेसवे को वैसे भी ब्लॉक किया जाएगा. पुलिस ने रूट डायवर्ट कर दिए हैं ट्रैफिक यहां तक नहीं पहुंचेगा. Also Read - Punjab News: कृषि कानूनों के खिलाफ हर शहीद के परिवार को देंगे सरकारी नौकरी, सुखबीर बादल बोले- चुनाव जीते तो PG तक पढ़ाई भी मुफ्त

हालांकि किसानों ने शनिवार को प्रदेश में कुछ स्थानों पर कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे बाधित कर दिया. किसानों ने सुबह आठ बजे एक्सप्रेसवे बाधित किया और 24 घंटे तक इसे ब्लॉक रखने का आह्वान किया है. करीब 136 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के नाम से भी जाना जाता है. बहरहाल प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि आपात वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी जाएगी. Also Read - Farmers Protest: यूपी गेट पर भिड़े BJP और Rakesh Tikait समर्थक, कई घायल; 70 गाड़ियों में तोड़फोड़ का दावा

इस संबंध में भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) के महासचिव हरिंदर सिंह लखोवाल ने कहा कि एक्सप्रेसवे को 24 घंटे के लिए ब्लॉक रखा जाएगा. इधर हरियाणा पुलिस ने यातायात परामर्श जारी करते हुए यात्रियों से केएमपी मार्ग से यात्रा नहीं करने के लिए कहा है. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) नवदीप सिंह विर्क ने कहा कि शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने, किसी भी तरह की हिंसा से बचने और एक्सप्रेसव पर यातायात की आवाजाही के लिए व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं.

उन्होंने बताया कि प्रभावित जिलों खासतौर से सोनीपत, झज्जर, पानीपत, रोहतक, पलवल, फरीदाबाद, गुड़गांव और नूह में यातायात के लिए मार्ग परिवर्तित किए गए हैं. राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर अंबाला/चंडीगढ़ की तरफ से आने वाले यात्री करनाल से होते हुए उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद और नोएडा तथा पानीपत से सिनौली की तरफ जा सकते हैं. गुड़गांव और जयपुर की तरफ जाने वाले वाहन पानीपत से राष्ट्रीय राजमार्ग-71ए पर जा सकते हैं. इसके अलावा गोहना, रोहतक, झज्जर और रेवाड़ी से होकर यात्रा कर सकते हैं.

गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में केंद्र द्वारा लागू किए तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर मुख्यत: पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सैकड़ों किसानों ने दिल्ली की तीन सीमाओं सिंघु, टिकरी और गाजीपुर पर डेरा डाला हुआ है.

(भाषा इनपुट)