
Parinay Kumar
परिणय कुमार को पत्रकारिता में लगभग 14 साल का अनुभव है. वह करियर की शुरुआत से ही पॉलिटिकल और स्पोर्ट्स की खबरें लिखते रहे हैं. 2008 में बिहार के ललित ... और पढ़ें
ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल के बीच चंडीगढ़ में कार और बाइक के लिए ईंधन की लिमिट तय कर दी गई है. दोपहिया वाहनों (Bike) को एक बार में सिर्फ 2 लीटर और कार के लिए 5 लीटर तक की लिमिट तय की गई है. चंडीगढ़ प्रशासन ने कहा, ‘हड़ताल की वजह से ईंधन की आपूर्ति में आई दिक्कतों के दौरान सभी के लिए पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह नियम बनाए गए हैं.’
एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘पेट्रोल पंप ऑपरेटरों से इन नियमों का पालन करने का आग्रह किया जाता है, और उपभोक्ताओं से लगाए गए प्रतिबंधों में सहयोग करने का अनुरोध किया जाता है.’ जिला प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया कि यह उपाय सामान्य स्थिति बहाल होने तक प्रभावी रहेगी.
दरअसल, नए हिट एंड रन कानून के विरोध में चक्का जाम के चलते कई राज्यों में पेट्रोल और डीजल का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, छत्तीसगढ़, यूपी, उत्तराखंड, पंजाब और गुजरात के बस और ट्रक ड्राइवर तीन दिन से हड़ताल पर हैं. इन सबके बीच यह जानना जरूरी है कि ‘हिट एंड रन’ को लेकर नया कानून क्या कहता है? पुराना कानून क्या था और इसे लेकर विरोध क्यों हो रहा है.
हिट एंड रन को लेकर नया कानून क्या कहता है?
नया कानून कहता है कि अगर Road Accident में किसी की मौत हो जाती है और ड्राइवर वहां से भाग जाता है तो उसे 10 साल की जेल हो सकती है. साथ ही 7 लाख रुपये का जुर्माना भी भरना पड़ेगा.
इसका विरोध क्यों हो रहा है?
कई राज्यों में ट्रक ड्राइवर इस नए कानून का विरोध कर रहे हैं. न सिर्फ ट्रक ड्राइवर बल्कि बस, टैक्सी और ऑटो चालक भी इसका विरोध कर रहे हैं. नए नियम निजी वाहन चालकों पर भी समान रूप से लागू होंगे. उनका कहना है कि नए कानून के प्रावधान कुछ ज्यादा ही सख्त हैं. इन्हें नरम किया जाए. इस कानून का ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) ने भी विरोध किया है.
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