हरियाणा में हार के बाद कांग्रेस में हलचल, बड़े नेता ने छोड़ी पार्टी, बोले- 'हाईकमान से मोहभंग'

Haryana Congress News: हरियाणा विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद कांग्रेस के नेता एवं पूर्व मंत्री ने उनके साथ खराब व्यवहार किये जाने का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी.

Published date india.com Published: October 18, 2024 11:08 AM IST
हरियाणा में हार के बाद कांग्रेस में हलचल, बड़े नेता ने छोड़ी पार्टी, बोले- 'हाईकमान से मोहभंग'
कैप्टन अजय सिंह यादव और भूपेंद्र सिंह हुड्डा (फाइल फोटो)

Haryana Assembly Election Result 2024: हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में मिली हार के बाद कांग्रेस में हलचल मच गई है. पार्टी में इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है. चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस को 17 अक्टूबर की शाम जोर का झटका कद्दावर नेता कैप्टन अजय सिंह यादव ने दिया. उन्होंने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया.

आलाकमान की तरफ से स्वीकार न किए जाने के बाद उन्होंने एक्स पर सुबह ताबड़तोड़ पोस्ट किए. जिसमें लिखा कि वो कोई संत नहीं बल्कि पूर्णकालिक राजनीतिज्ञ हैं. कैप्टन अजय सिंह यादव बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव के समधी हैं.

‘मैं कोई संत नहीं हूं’

सुबह एक्स पर उन्होंने लिखा, ‘मैं कोई संत नहीं हूं और एक पूर्णकालिक राजनीतिज्ञ हूं तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी द्वारा मेरा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद ही मैं अपने भविष्य की रणनीति तय करूंगा तथा कुछ नेताओं द्वारा मेरे राजनीतिक करियर को नुकसान पहुंचाने के लिए की गई कार्यप्रणाली और बाधाओं का विस्तृत विवरण दूंगा.’

‘शर्मिंदगी को लेकर अपनी बात रखूंगा’

इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद ही वो मीडिया से रूबरू होंगे. आगे लिखा, ‘मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा मेरे इस्तीफे को स्वीकार किए जाने की प्रतीक्षा कर रहा हूं और उसके बाद मैं मीडिया से मिलूंगा और पिछले 2 वर्षों से कुछ नेताओं द्वारा मुझे दिए गए उत्पीड़न और शर्मिंदगी को लेकर अपनी बात रखूंगा.’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने एक्स पर गुरुवार शाम इस्तीफे की बात बताई. इस्तीफा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेज दिया. वह अभी ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी में ओबीसी मोर्चा के चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. कैप्टन यादव ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर इसकी जानकारी दी.

ओबीसी मोर्चा का चेयरमैन पद भी छोड़ा

उन्होंने लिखा, ‘मैंने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. अब मैं ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के ओबीसी मोर्चा का चेयरमैन भी नहीं रहा. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को इसकी जानकारी दे दी गई है.’

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‘पार्टी हाईकमान से मोहभंग हो गया’

कैप्टन यादव ने आगे लिखा, ‘इस्तीफा देने का यह फैसला वास्तव में बहुत कठिन था, क्योंकि मेरे परिवार का कांग्रेस से 70 वर्ष पुराना नाता रहा है. मेरे दिवंगत पिता राव अभय सिंह 1952 में कांग्रेस से विधायक बने और उसके बाद मैंने पारिवारिक परंपरा को जारी रखा, लेकिन सोनिया गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटने के बाद मेरे साथ बुरा व्यवहार किया गया. इससे मेरा पार्टी हाईकमान से मोहभंग हो गया है.’

बेटे को चुनाव में मिली हार

कैप्टन यादव के बेटे चिरंजीव राव को कांग्रेस ने हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा सीट रेवाड़ी से टिकट थमाया था जिसे वो बचा नहीं पाए थे और भाजपा प्रत्याशी से विधानसभा चुनाव में 28 हजार से ज्यादा मतों से हार गए थे.

भूपेंद्र हुड्डा के साथ नहीं रहे अच्छे संबंध!

यादव ने कहा था कि कांग्रेस को दक्षिणी हरियाणा, खासकर गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और फरीदाबाद में अपनी विफलता के लिए आत्मचिंतन करना चाहिए, जहां भाजपा ने 11 में से 10 सीट पर जीत दर्ज की जबकि कांग्रेस ने केवल एक सीट जीती. ऐसा माना जा रहा है कि यादव हरियाणा चुनाव के लिए कई उम्मीदवारों के चयन को लेकर अपनी पार्टी से नाखुश थे. पूर्ववर्ती भूपेंद्र हुड्डा सरकार में मंत्री रह चुके यादव के उनके साथ कभी भी मधुर संबंध नहीं रहे.

हरियाणा में पांच अक्टूबर को हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 90 सदस्यीय विधानसभा में 48 सीट जीतकर राज्य में ऐतिहासिक तीसरा कार्यकाल हासिल किया. तीन निर्दलीय विधायकों ने भी पार्टी को समर्थन दिया. कांग्रेस को 37 सीटों पर जीत मिली.

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