Haryana Lockdown Restrictions: कोरोना के बढ़ते मामलों पर लगाम कसने के लिए हरियाणा सरकार (Haryana Lockdown) ने शुक्रवार को नौ जिलों में सप्ताहांत में लॉकडाउन (Haryana Weekend Lockdown ) लगाने की घोषणा की. आदेश में बताया गया कि सप्ताहांत कर्फ्यू (Haryana Weekend Curfew Timing) शुक्रवार की रात दस बजे से सोमवार की सुबह पांच बजे तक जारी रहेगा. आदेश के मुताबिक जिन जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है उनमें गुरुग्राम (Gurugram Lockdown Restrictions), फरीदाबाद, पंचकूला, सोनीपत, रोहतक, करनाल, हिसार, सिरसा और फतेहाबाद शामिल हैं.Also Read - सोनीपत प्लांट के लिए मारुति खर्च करेगी 18,000 करोड़ रुपये, हर साल 10 लाख यूनिट कार तैयार करने का लक्ष्य

आदेश में कहा गया है, ‘‘कोविड-19 महामारी एक बार फिर जन स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है. हरियाणा सरकार ने इस पर विचार किया है कि राज्य में इसके प्रसार पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं.’’ इसमें कहा गया है, ‘‘30 अप्रैल (शुक्रवार) की रात दस बजे से तीन मई (सोमवार) की सुबह पांच बजे तक सप्ताहांत लॉकडाउन रहेगा.’’ Also Read - हरियाणा के झज्जर में भीषण सड़क हादसा, तेज रफ्तार ट्रक ने 14 लोगों को कुचला, 3 की मौत

गुरुग्राम सहित हरियाणा के 9 जिलों में लॉकडाउन के दौरान क्या खुला रहेगा और क्या रहेगा बंद? Haryana Weekend Lockdown Rules and Haryana Lockdown Restrictions

  1. पंचकुला, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, रोहतक, करनाल, हिसार, सिरसा और फतेहाबाद में रहेगा वीकेंड लॉकडाउन
  2. आदेश में कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान लोगों को घरों के अंदर रहना होगा.
  3. लॉकडाउन के दौरान किसी भी व्यक्ति को घर छोड़ने या पैदल चलने की आवाजाही पर रोक होगी.
  4. वाहन से आवाजाही करने या सार्वजनिक स्थानों पर घूमने की अनुमति नहीं होगी.
  5. आवश्यक सेवाओं को पाबंदियों से छूट दी गई है.
  6. कानून व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं, पुलिसकर्मी, यूनिफॉर्म में मिलिट्री या सीएपीएफ के जवानों को छूट दी गई है.
  7. स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और मीडियाकर्मी और कोरोना ड्यूटी में लगे सरकारी कर्मचारियों को छूट दी गई है.
  8. आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन पर कोई रोक नहीं होगी.

आवश्यक और गैर आवश्यक सामानों की अंतरराज्यीय आवाजाही पर किसी तरह की कोई रोक नहीं होगी. Also Read - हुड्डा की अगुवाई में राहुल गांधी से मिली हरियाणा कांग्रेस की नई टीम, कुलदीप बिश्नोई अभी भी नाराज