Leopard Ka Video Goatherd Brought Two Leopard Cubs From A Forest Near Kotla Village In Nuh District Tenduye Ka Video
बकरी चराने अरावली पर्वत गया था शख्स, 2 शावकों को उठा लाया; गांव पहुंचा और मालूम हुआ किसके बच्चे हैं तो...| देखें VIDEO
Leopard ka Video: वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि एक शावक नर है और दूसरी मादा है. इन्हें जंगल में उसी स्थान पर ले जाकर रखा जाएगा जहां से इन्हें उठाकर लाया गया है. हम कोशिश करेंगे कि वे अपनी मां के पास पहुंच जाएं.
Leopard ka Video: हरियाणा के नूंह जिले के कोटला गांव में बकरी पालकों को तेंदुआ के 2 शावक (बच्चे) मिले हैं. गांव के बकरी पालक साहून और सहरून रोजाना अपनी बकरियों को चराने के लिए अरावली पर्वत जाते थे. गुरुवार शाम (13 जुलाई) को जब वह अपने घर वापस लौट रहे थे, तब उन्हें चीता नस्ल के दो बच्चे मिले. उन्हें यह मालूम नहीं था कि यह किस जानवर के बच्चे हैं. इसलिए दोनों उन्हें अपने साथ लेकर घर आ गए. जब वह घर पहुंचे तो उन्होंने अपने बुजुर्गों को बताया कि उन्हें अरावली पर्वत में दो बच्चे मिले हैं और उन्हें पता नहीं कि यह किस जानवर के बच्चे हैं.
बुजुर्गों ने जब उन्हें बताया कि यह चीता नस्ल के तेंदुए के बच्चे हैं जो पशुओं को चुटकी भर में ही उठाकर ले जाते हैं. पता चलते ही साहून और सहरून घबरा गए. हालांकि इसके बाद उन्होंने दोनों शावकों को बड़े ही प्यार से रखा और अपने बकरियों का दूध उन्हें पिलाया ताकि वह भूखे ना रहें. यह खबर धीरे-धीरे पूरे गांव में आग की तरह फैल गई. गांव के लोग दोनों शावकों को देखने के लिए आने लगे. इसके बाद वन विभाग को इसकी सूचना दी गई. समाजसेवी राजुदीन ने कहा कि जैसे ही उन्हें इनकी सूचना मिली, उन्होंने वन विभाग को इसकी खबर दे दी. इसके बाद वन विभाग की टीम ने दोनों शावकों को अपने कब्जे में लिया.
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उधर, न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए DFO राजेश कुमार ने बताया कि एक लड़का अपनी बकरियों को जंगल में चराने के लिए ले गया था और उन्हें (तेंदुए के बच्चे) उठाकर ले आया… एक शावक नर है और दूसरी मादा है. अभी दोनों ठीक हैं और हम उन्हें वापस जंगल में ले जाएंगे. इन्हें जंगल में उसी स्थान पर ले जाकर रखा जाएगा जहां से इन्हें उठाकर लाया गया है. हम कोशिश करेंगे कि वे अपनी मां के पास पहुंच जाएं. अगर वे अपनी मां के पास नहीं पहुंच पाते हैं तो हमें उन्हें किसी रेस्क्यू सेंटर या फिर चिड़ियाघर में भेजना होगा.’
उन्होंने बताया कि अभी तक शावकों की आंखें भी नहीं खुली है. हो सकता है कि ये एक या दो या फिर तीन दिन के बच्चे ही हैं. उन्होंने बताया कि पूरी अरावली में तेंदुए पाए जाते हैं. उन्होंने बताया कि 2017 में जो गणना हुई थी उस समय 38 तेंदुए थे. हो सकता है इसकी संख्या बढ़ गई हो. मालूम हो कि अरावली पर्वत में अभी भी काफी जंगली जानवर देखने को मिलते हैं.
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