Lockdown in Haryana Latest News: हरियाणा सरकार ने कोरोना वायरस की स्थिति से निपटने के लिए शनिवार को राज्य के सबसे अधिक प्रभावित छह जिलों में पांच से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर रोक लगा दी और कार्यालयों में ‘‘घर से काम’’ करने प्रणाली शुरू करने का आदेश (Lockdown in Haryana) दिया. हरियाणा के मुख्यमंत्री (Haryana CM) मनोहर लाल खट्टर ने इस मुद्दे पर एक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद संवाददाताओं से कहा कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, करनाल, सोनीपत और रोहतक के उपायुक्तों को सीआरपीसी की धारा 144 लागू करने के लिए कहा गया है, ताकि कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी को काबू किया जा सके. उन्होंने हालांकि राज्य में लॉकडाउन लागू करने से इनकार कर दिया लेकिन कहा कि सबसे ज्यादा प्रभावित छह जिलों में ‘‘लॉकडाउन जैसी शर्तें’’ (Haryana Lockdown News) होंगी.Also Read - हरियाणा निकाय चुनावः दुष्यंत चौटाला की पार्टी के साथ मिलकर बीजेपी नहीं लड़ेगी चुनाव, ओपी धनखड़ के एलान से लगने लगी ये अटकलें

उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी कार्यालयों को खोलने की अनुमति नहीं होगी ताकि भीड़ भाड़ से बचा जा सके. उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि कोरोना वायरस संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने के लिए ‘‘घर से काम की संस्कृति’’ अपनायें. मुख्यमंत्री ने राज्य में कार्यक्रमों में लोगों के जुटने पर सख्त पाबंदी लगाते हुए इनडोर और आउटडोर दोनों तरह के समारोहों में 50 लोगों की अधिकतम सीमा तय की. उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार के लिए केवल 20 लोगों को अनुमति दी जाएगी. इससे पहले, खुले में सभाओं की सीमा 500 और भवन के लिए 200 थी. उन्होंने लोगों से विवाह कार्यक्रमों को स्थगित करने के लिए कहा. उन्होंने कहा, ‘‘अधिकारी केवल 50 लोगों की सीमा के साथ ही सभाओं की अनुमति देंगे.’’ Also Read - हरियाणा के दो बड़े IAS अफसर ट्विटर पर भिड़े, खेमका बोले बेइमानों का गैंग बन गया है, जवाब मिला 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे'

उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों को संक्रमण रोगियों के लिए अपने बिस्तरों का 50 प्रतिशत आरक्षित रखने के लिए कहा गया है. उन्होंने कहा कि रोहतक के पीजीआई में 1,000 बिस्तर का इंतजाम किया गया है. उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की सुविधा के साथ अब कम से कम 2,250 बिस्तर होंगे. चिकित्सकीय ऑक्सीजन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और अस्पतालों में इसकी कोई कमी नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘हमने केंद्र से एक दिन में 180 मीट्रिक टन तरल ऑक्सीजन की मांग की थी, जिसने हमारा कोटा 162 मीट्रिक टन तय किया था’’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रति दिन 200 मीट्रिक टन की संशोधित मांग केंद्र को सौंपेगी. Also Read - फरीदाबाद से मथुरा सफर करना हुआ महंगा, गदपुरी टोल प्लाजा पर टोल की दरें तय

खट्टर ने कहा कि उनकी सरकार ने बोकारो स्टील प्लांट से 6,000 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन का ऑर्डर दिया है, जो जल्द ही एक विशेष ट्रेन से पहुंचेगा. उन्होंने कहा कि गैर-जरूरी वस्तुओं के लिए उद्योग में तरल ऑक्सीजन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा राज्य भर के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाओं को बंद कर दिया गया है. खट्टर ने कहा कि पूरे राज्य में सरकारी और निजी क्षेत्र के कार्यालयों में केवल 50 प्रतिशत उपस्थिति की अनुमति होगी.

उन्होंने कहा कि पानीपत संयंत्र से दिल्ली को ऑक्सीजन की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि अगले दो दिनों में राज्य में तरल ऑक्सीजन बनाने वाले छह छोटे संयंत्र चालू हो जाएंगे. उन्होंने जनता से ऑक्सीजन के मुद्दे पर नहीं घबराने की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार ‘‘सतर्क’’ है. उन्होंने कहा कि 1 मई से सरकारी इकाइयों में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को मुफ्त में कोविड-19 टीके लगाए जाएंगे. हरियाणा में शुक्रवार को कोविड-19 से 60 मरीजों की मौत हो गई और इसके 11,854 नये मामले सामने आये.

(इनपुट भाषा)