By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.
इंदौर में स्वाइन फ्लू से दो महीने में 18 लोगों की मौत, जानिए इसके लक्षण व बचाव
इंदौर में बीते दो महीने में स्वाइन फ्लू से 18 लोगों की मौत हो चुकी है. ऐसे में इसके लक्षण और बचाव के बारे में जानना जरूरी है.
इंदौर: स्वाइन फ्लू अब घातक बीमारी बनती जा रही है, आलम यह है कि रोजाना कई मामले स्वाइन फ्लू के सामने आ रहे हैं. इसके चलते इंदौर में बीते दो महीने में स्थानीय अस्पतालों में दम तोड़ने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 18 पर पहुंच गयी है. ऐसे में स्वाइन फ्लू के लक्षण और बचाव के बारे में जानना जरूरी है.
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 39 वर्षीय महिला ने शहर के एक निजी अस्पताल में बुधवार को दम तोड़ दिया. लेकिन उसके स्वाब नमूने की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आज आयी, जिसमें तसदीक हुई कि उसे एच1एन1 संक्रमण था. अधिकारी ने बताया कि एक जनवरी से अब तक स्थानीय अस्पतालों के 62 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है. घातक बीमारी की जद में आये 18 लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वालों में आस-पास के जिलों से इलाज के लिये इंदौर भेजे गये चार मरीज शामिल हैं.
स्वाइन फ्लू के लक्षण
– स्वाइन फ्लू एक तीव्र संक्रामक रोग है, जो एक विशिष्ट प्रकार के एंफ्लुएंजा वाइरस (एच-1 एन-1) के द्वारा होता है.
– प्रभावित व्यक्ति में सामान्य मौसमी सर्दी-जुकाम जैसे ही लक्षण होते हैं, जैसे –
– नाक से पानी बहना या नाक बंद हो जाना.
– गले में खराश.
– सर्दी-खांसी.
– बुखार.
– सिरदर्द, शरीर दर्द, थकान, ठंड लगना, पेटदर्द.
– कभी-कभी दस्त उल्टी आना.
– कम उम्र के व्यक्तियों, छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को यह तीव्र रूप से प्रभावित करता है.
– इसका संक्रमण रोगी व्यक्ति के खांसने, छींकने आदि से निकली हुई द्रव की बूंदों से होता है. रोगी व्यक्ति मुंह या नाक पर हाथ रखने के पश्चात जिस भी वस्तु को छूता है, पुन: उस संक्रमित वस्तु को स्वस्थ व्यक्ति द्वारा छूने से रोग का संक्रमण हो जाता है.
– संक्रमित होने के पश्चात 1 से 7 दिन के अंदर लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं.
ऐसे करें बचाव
1. खांसी, जुकाम, बुखार के रोगी दूर रहें.
2. आंख, नाक, मुंह को छूने के बाद किसी अन्य वस्तु को न छुएं व हाथों को साबुन/ एंटीसेप्टिक द्रव से धोकर साफ करें.
3. खांसते, छींकते समय मुंह व नाक पर कपड़ा रखें.
4. सहज एवं तनावमुक्त रहिए. तनाव से रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता कम हो जाती है जिससे संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है.
5. स्टार्च (आलू, चावल आदि) तथा शर्करायुक्त पदार्थों का सेवन कम करिए. इस प्रकार के पदार्थों का अधिक सेवन करने से शरीर में रोगों से लड़ने वाली विशिष्ट कोशिकाओं (न्यूट्रोफिल्स) की सक्रियता कम हो जाती है.
6. दही का सेवन नहीं करें, छाछ ले सकते हैं. खूब उबला हुआ पानी पीयें व पोषक भोजन व फलों का उपयोग करें.
7. सर्दी-जुकाम, बुखार होने पर भीड़भाड़ से बचें एवं घर पर ही रहकर आराम करते हुए उचित (लगभग 7-9 घंटे) नींद लें.
Also Read:
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Health की और अन्य ताजा-तरीन खबरें