नई दिल्‍ली: हिमाचल प्रदेश में इन सर्दियों में स्वाइन फ्लू के 86 मामले सामने आए हैं. एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी. मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में सूचित किया गया कि 270 लोगों का स्वाइन फ्लू का परीक्षण किया गया था जिनमें से 86 मामले सामने आए. ठाकुर ने स्वास्थ्य अधिकारियों को एच1एन1 संक्रमण से प्रभावी तरीके से निपटने और इस पर निगरानी रखने के निर्देश दिए. Also Read - महाराष्ट्र और राजस्थान के बाद अब यूपी में ईंट से पीट कर पुजारी की निर्मम हत्या, घटना स्थल की फारेंसिक जांज शुरू

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स्वाइन फ्लू हिमाचल प्रदेश के अलावा राजस्थान में भी तेजी से फैल रहा है, जो कि चिंता का विषय है. हालांकि स्‍थानीय सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में स्वाइन फ्लू के जांच की व्यवस्था की है. ऐसे में सभी को जरूरत है कि स्वाइन फ्लू के बारे में जागरूक रहने और इसके सही समय पर इलाज कराने की. तो आइए जानतें है कि आखिर क्या है स्वाइन फ्लू और कैसे करने इससे बचाव.

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स्वाइन फ्लू है क्‍या

स्वाइन फ्लू एक श्वसन संक्रमण है जो इंफ्लूएंजा नामक वायरस की वजह से होता है. स्वाइन फ्लू फैलने का कारण एच1एन1 वायरस होता है जो पक्षियों और मनुष्यों से फैलने वाले फ्लू की तरह होता है. स्वाइन फ्लू के लक्षण कुछ अलग नहीं होते हैं. इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे सिरदर्द, शरीर में दर्द, खांसी-जुकाम, थकावट, बुखार और गले में दर्द की तरह होते हैं. इससे खुद को बचाने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी जरुरी होती हैं. इन सावधानियों को अपनाकर आप खुद को स्वाइन फ्लू से ग्रसित होने से बचा सकते हैं. तो आइए आपको इन सावधानियों के बारे में बताते हैं.

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भीड़ वाली जगह में जाने से बचें

भीड़ वाली जगह पर जाने से स्वाइन फ्लू से ग्रसित होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है. इसलिए भीड़ वाली जगह पर जाने से बचें और अगर आप जा भी रहे हैं तो मास्क पहनकर रहें.

खांसते समय मुंह पर हाथ रखें

खांसने से दूसरे व्यक्ति में कीटाणु बहुत जल्दी ट्रांसफर हो जाते हैं. स्वाइन फ्लू बहुत जल्दी फैलने वाला फ्लू है. इसलिए अगर कोई खांस रहा हो तो या आप खांस रहे हैं तो अपने मुंह पर हाथ रख लें ताकि यह इंफेक्शन किसी और को ना फैले.

मास्क पहनकर रहें

बाहर जाने पर मास्क पहनकर रखें. क्योंकि धूल-मिट्टी के साथ आप स्वाइन फ्लू के वायरस के संपर्क में आ सकते हैं. इसके लिए अच्छे मास्क का इस्तेमाल करें. अगर आपके पास मास्क नहीं है तो रुमाल को 2-3 तय करके मुंह और नाक को ढकें. इससे वायरस आपको प्रभावित नहीं करेगा.

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हाथ साफ रखें

स्वाइन फ्लू के इंफेक्शन से बचने के लिए किसी भी चीज को छूने के बाद हैंड सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें या हाथों को धो लें. इससे आपके हाथ साफ रहेंगे और वायरस के संपर्क में आने से बचेगें.

डॉक्टर से परामर्श लें

अगर आपको स्वाइन फ्लू के लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें. स्वाइन फ्लू से ग्रसित होने पर तेज बुखार, शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखते हैं.अगर आपको ऐसे कोई भी लक्षण दिखें तो डॉक्टर से परामर्श करें.

क्या हैं इसके लक्षण

फ्लू के गंभीर होने पर व्यक्ति को लगातार खांसी और सांस लेने में तकलीफ से फेफड़े प्रभावित होते हैं. जिससे रोगी निमोनिया का शिकार हो जाता है और उसका ब्लड प्रेशर कम होने लगता है. लेकिन यदि कफ, सांस लेने में दिक्कत व बुखार तीनों एक साथ हों तो तुरंत विशेषज्ञ को दिखाएं.

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