नई दिल्‍ली: दक्षिण अफ्रीका की कंपनी एक विशेष प्रकार का दूध बेच रही है. ये दूध, खेती वाले कीटों से बना है. कंपनी ने इसे ‘एंटोमिल्क’ का नाम दिया है. Also Read - Eating Habits During COVID-19 : कोरोना काल में खुद को रखना चाहते हैं सुरक्षित तो डॉक्टर से जानें कैसे बनाए अपना Diet Plan

इसे बेचने वाली कंपनी का दावा है कि ये अगला सुपरफूड है. फर्म गॉरमेट ग्रब ने अपनी वेबसाइट पर कहा है, ‘एंटोमिल्क की सोच टिकाऊ, प्रकृति के अनुकूल, पौष्टिक, लैक्टोज मुक्त, स्वादिष्ट, भविष्य के डेयरी विकल्प के रूप में की जा सकती है’. Also Read - बिहार के जूनियर डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, इन मांगों पर अड़े, स्वास्थ्य सेवायें प्रभावित

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने ये खबर दी है. एजेंसी ने कहा है कि कंपनी दावा कर रही है कि एंटोमिल्क का सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि इसमें प्रोटीन की उच्च मात्रा है. इसमें लौह, जिंक व कैल्शियम जैसे खनिज हैं. एंटोमिल्क तथाकथित ‘कॉकरोच मिल्क (तिलचट्टा दूध)’ के शुरुआत के दो साल बाद बाजार में आया है. Also Read - लाल मिर्च, धनिया पाउडर, गरम मसाला... ये सब गधे की लीद से बनाकर बेचते थे, कहीं आपने भी तो नहीं खा लिए!

जहां तक कॉकरोच मिल्‍क की बात है तो यह विशेष प्रकार का तिलचट्टा आमतौर पर हवाई जैसे प्रशांत द्वीपों पर पाया जाता है. यह एकमात्र ऐसी प्रजाति है, जो अंडे देने के बजाय बच्चों को जन्म देती है. इनका दूध प्रोटीन, वसा व शुगर का क्रिस्टल होता है, जो तिलचट्टे के बच्चों की वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है.

गौरतलब है कि साल 2016 में भारतीय शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक शोध में तिलचट्टे के दूध में समान द्रव्यमान के गाय के दूध की तुलना में तीन गुना से ज्यादा ऊर्जा होने का अनुमान लगाया गया था.

हालांकि, वैज्ञानिकों ने सुपरमार्केट में जल्द तिलचट्टे के दूध आने की उम्मीद नहीं की थी. इसके अलावा, इसके इस्तेमाल में सुरक्षित होने पर भी अभी स्थिति साफ नहीं है.