नई दिल्ली: प्रतीक्षारत मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एम्स प्रशासन अस्पताल में आपरेशन का समय तीन घंटे से ज्यादा बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है. हालांकि, सूत्रों के मुताबिक निष्चेतकों (एनेस्थेटिस्ट) द्वारा इस प्रस्ताव का जोरदार विरोध किया जा रहा है और वे समय बढ़ाने पर सहमत नहीं हैं.

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सर्जनों ने अस्पताल में दो सत्रों सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक और दोपहर दो बजे से रात आठ बजे तक सर्जरी का प्रस्ताव दिया है. फिलहाल सुबह साढ़े आठ बजे से शाम पांच बजे तक सर्जरी की जाती है. अगर प्रस्ताव मान लिया जाता है तो सर्जरी के समय में तीन घंटे की बढ़ोतरी की जाएगी. एम्स के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि सर्जरी का समय बढ़ने से मरीजों की प्रतीक्षा सूची को घटाने में मदद मिलेगी साथ ही सर्जनों के दूसरी पाली में आने से सेवाओं में सुधार होगा क्योंकि वे तरोताजा रहते हुए अपने कार्य को अंजाम दे सकेंगे.

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2017-18 में अस्पताल में 1,94,015 सर्जरी
सूत्रों के मुताबिक, 2017-18 में अस्पताल में 1,94,015 सर्जरी की गई. इसका मतलब है एक महीने में 16,000 ऑपरेशन किये गये. डॉक्टर ने बताया कि इसके बावजूद, दिल की सर्जरी की प्रतीक्षा सूची औसतन छह से सात साल की है. यही हाल न्यूरोसर्जरी विभाग का है और इसके कारण मरीज परेशान हैं. इलाज के लिए कई मरीज दूर-दराज के इलाकों से अस्पताल आते हैं. लेकिन सर्जरी विभाग में उन्हें काफी अंतराल के बाद समय दिया जाता है. डॉक्टर ने बताया कि पिछले कुछ सालों में अस्पताल में सर्जन की संख्या बढ़ी है लेकिन इसके बावजूद प्रतीक्षा अवधि में कमी नहीं आई.

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