बीजिंग: कोरोना वायरस संक्रमण को काबू करने में अग्रिम भूमिका निभा रहे स्वास्थ्यसेवा पेशेवर यदि उपयुक्त व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) का उपयोग करते हैं, तो उन्हें संक्रमित होने से बचाया जा सकता है. ‘द बीएमजे’ में प्रकाशित अनुसंधान में पाया गया कि उपयुक्त सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने वाले स्वास्थ्यसेवा पेशेवरों को कोरोना वायरस संक्रमण का अधिक खतरा होने के बावजूद वे संक्रमित नहीं हुए या उनमें वायरस से लड़ने की प्रतिरोधी क्षमता विकसित हो गई. Also Read - Coronavirus in Mumbai Update: महामारी ने मचाई आफत, मौत और संक्रमितों की संख्या चीन से अधिक

यह अनुसंधान करने वालों की टीम में चीन के सुन यात सेन विश्वविद्यालय और ब्रिटेन के बर्मिंघम विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ता भी शामिल थे. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यसेवा पेशेवर घर से दूर रह कर काम कर रहे हैं, इसलिए काम के बाद उनका सीमित सामाजिक संपर्क होता है. इससे भी संक्रमण नहीं फैलने में मदद मिलती है. अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि स्वास्थ्यसेवा प्रणाली को ‘‘पीपीई की खरीदारी एवं वितरण को प्राथमिकता देनी चाहिए और स्वास्थ्यसेवा पेशेवरों को इसके इस्तेमाल का उचित प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए.’’ Also Read - NZ ने भेजा IPL आयोजन का न्‍यौता, BCCI कोषाध्‍यक्ष बोले- विदेश में लीग कराना होगा आखिरी रास्‍ता

यह अनुसंधान 116 चिकित्सकों और 304 नर्सों पर किया गया, जिनकी औसत आयु 36 वर्ष थी. इन स्वास्थ्यसेवा कर्मियों ने 24 जनवरी से सात अप्रैल तक कोरोना वायरस के मरीजों की देखभाल की. अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि इन कर्मियों को उपयुक्त पीपीई मुहैया कराए गए और उन्हें इनके इस्तेमाल का उचित प्रशिक्षण दिया गया. इनमें से कोई भी संक्रमित नहीं पाया गया. Also Read - केंद्रीय मंत्री सारंगी क्‍वारंटीन हुए, कोरोना पॉजिटिव MLA के साथ साझा किया था मंच