साउथ अफ्रीका में कोविड के नए वेरिएंट SARS-CoV-2 Omicron के पाए जाने से बाकी देशों में भी भय का माहौल है और भारत भी उन्हीं देशों में से एक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह की बैठक में अधिकारियों को अंतर्राष्ट्रीय ट्रैवल से जुड़ी नई गाइडलाइंस बनाने के और अधिक सचेत रहने के आदेश भी दे दिए हैं। इंडियन काउंसिल मेडिकल रिसर्च के एपिडेमोलोजी और कम्युनिकेबल डिजीज विभाग के मुख्य डॉक्टर समीरन पांडा का कहना है कि, mRNA वैक्सीन इस नए वेरिएंट के प्रति असरदार नहीं है क्योंकि यह वैक्सीन प्रोटीन बढ़ाने और रिसेप्टर इंटरेक्शन पर आधारित होती है। लेकिन सारी वैक्सीन एक जैसी नहीं होती हैं। Covishield और Covaxin विभिन्न प्रकार के एंटीजन को हमारे शरीर में प्रेजेंट करके इम्यूनिटी बढ़ाती है।Also Read - Bharat Biotech: Covaxin बनाने वाले Dr. Krishna Ella की क्या है पूरी कहानी; Must Watch

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ओमिक्रोन वेरिएंट को चिंता का विषय बताया है हालांकि इसके बारे में अभी पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह बहुत तेजी से फैल सकता है और इम्यून सिस्टम पर भी गम्भीर तरह से अटैक करता है। Also Read - DCGI approves Covishield and Covaccine for Open Market: खुले बाजार में जल्द मिलेंगे कोविड टीके, यह होगी कीमत

वैज्ञानिकों ने ओमिक्रोन वेरिएंट में ढांचागत बदलाव देखा है। इस वेरिएंट को अन्य वेरिएंट से भी खतरनाक घोषित करने के लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है। जिस प्रकार यह वेरिएंट फैल रहा है, इसकी गति और इंफेक्शन के कारण को जानने के लिए अभी और एग्जामिन करने की जरूरत है। Also Read - Corona Vaccine Latest Update In India: अब बाजार में भी मिलेगी Covishield और Covaxin, जानिए क्या होगी कीमत

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसको एग्जामिन किया है और इन नतीजों पर पहुंचने के लिए कि यह अधिक खतरनाक है या इससे अधिक मृत्यु हो सकती हैं, अभी समय की आवश्यकता है। इन्हीं सब कारणों से WHO ने इसे चिंता का विषय बताया है।

वैज्ञानिकों ने यह पाया है कि इस वायरस में 10 म्यूटेशन हैं और जितना अधिक वायरस म्यूटेट करेगा, वह उतना ही अधिक तेजी से फैलेगा। लेकिन इसके कारण कोई वायरस अधिक खतरनाक या जानलेवा नहीं माना जा सकता है। हालांकि, अभी तक इस वायरस का भारत में कोई भी केस नहीं पाया गया है।