न्यूयॉर्क: अमेरिकी शोधकर्ताओं ने नाक व गले के जीवाणुओं के एक ऐसे समूह की पहचान की है, जो अपने पोषक (होस्ट) में फ्लू (संक्रामक जुकाम) होने की संभावना को कम करता है. मिशिगन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने नाक व गले के जीवाणुओं के नमूनों की जांच की और जीवाणु की पहचान करने के लिए डीएनए सीक्वेंसिंग का इस्तेमाल किया. Also Read - भारत में कम हुआ मलेरिया: साल 2000 में थे 2 करोड़ मामले, 2019 में सिर्फ 56 लाख केस मिले

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शोधकर्ताओं ने सभी नमूनों में जीवाणु संरचना का विश्लेषण कर जीवाणुओं के पांच समूहों का पता लगाया. शोधकर्ताओं ने अन्य ज्ञात कारकों, जो मनुष्य में जुकाम होने को प्रभावित कर सकते हैं, जैसे उम्र, तंबाकू के संपर्क में आना, बड़े परिवारों व फ्लू का टीकाकरण आदि को ध्यान में रखने के बाद गौर किया कि जिन लोगों को उस समूह वाले जीवाणुओं को दिया गया था, उन्हें जुकाम होने की संभावना कम थी.

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ऐसे किया पता

मिशिगन विश्वविद्यालय की प्रोफेसर प्रमुख शोधकर्ता बिट्सी फॉक्समैन ने कहा कि हमने देखा कि कब कौन-सा जीवाणुओं का समूह अंतर पैदा कर रहा है, और कब यह जुकाम पैदा कर रहा है. उन्होंने कहा कि यह इसके बारे में रोचक बात है. यह हमें बताता है कि अगर आपके भीतर इन जीवाणुओं का समुदाय है तो आपको फ्लू होने की संभावना बहुत कम है. यह एक बड़ी खबर है, क्योंकि ऐसा पहले नहीं देखा गया है.

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