नई दिल्ली: आजकल शहरों में लोग तांबे की बोतल लिए दिख जाते हैं. दरअसल पिछले कई दिनों में तांबे की बोतल, बर्तनों में पानी पीने का चलन बढ़ा है. कहा जाता है कि 6 से 8 घंटे तांबे के बर्तन में रखा पानी पूरी तरह से शुद्ध होता है. इस पानी को पीने से एनीमिया, किडनी और कोलेस्ट्रोल सम्बन्धी कई गंभीर बीमारियों से बचाव होता है. Also Read - आयुर्वेद और होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारियों के लिए खुशखबरी, नियुक्ति पत्र जारी, डिस्पेंसरी आवंटन भी हुआ

आयुर्वेद में भी तांबे की बोतल से पानी पीने के कई फायदों के बारे में बताया गया है. आप भी जानें तांबे की बोतल में पानी पीने के फायदे- Also Read - Ayurveda medicines for COVID-19: कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीजों के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताईं ये दवाइयां, जानिए क्या है खाने का तरीका

– तांबे के बर्तन में पानी रखने से सारे बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं. इसलिए दूषित पानी पीने से होने वाली बीमारियां जैसे डायरिया, पीलिया आदि नहीं होता.
– तांबे के बर्तन में रखे पानी को पीने से पूरे शरीर में रक्त का संचार ठीक रहता है. कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है और दिल की बीमारियां दूर रहती हैं. Also Read - Corona Stories: 105 साल की महिला ने आयुर्वेद के दम पर कोरोना को हराया, जानें कैसे...

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– कॉपर शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों को अवशोषित करने का काम करता है. इसलिए तांबे के बर्तन में रखे पानी को पीने से खून की कमी और उससे संबंधित रोग दूर हो जाते हैं.
– पेट की सभी प्रकार की समस्याओं में तांबे का पानी बेहद फायदेमंद है. रोज इसका प्रयोग करने से पेट दर्द, गैस, एसिडिटी, कब्ज, पाचन संबंधी परेशानियों से निजात मिलती है.
– अगर कोई व्यक्ति वजन घटाना चाहता है तो एक्सरसाइज के साथ उसे तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी पीना चाहिए. इस पानी से बॉडी का एक्स्ट्रा फैट कम होता है. शरीर में कोई कमी या कमजोरी नहीं आती.
– कॉपर में बहुत उच्च मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं. ये फ्री रेडिकल्स का सफाया करता है जिससे झुर्रियां नहीं आतीं.
– तंत्रिका कोशिकायें दिमाग तक संदेश पहुंचाने का काम करती हैं. ये तंत्रिका कोशिकाएं मायलिन के आवरण से ढंकी होती हैं, जो इनकी संदेश पहुंचाने के काम में मदद करता है. तांबा इस मायलिन आवरण के तैयार होने में मदद करता है. इससे दिमाग तेज होता है.