
Kajal Kumari
पत्रकारिता में 12 साल से ज्यादा का अनुभव. साल 2009 में पीटीएन न्यूज चैनल से कैरियर की शुरुआत. 2011 से 2014 तक DDNews में कॉपी एडिटर, साल 2016 से 2020 ... और पढ़ें
BF.7 in India: भारत में ओमिक्रॉन के नए वेरिएंट BF.7 के चार मामले मिले थे, जिसमें से सभी मरीज होम आइसोलेशन में ही ठीक हो गए थे. चीन में कोविड मामलों में अचानक हुई वृद्धि के पीछे ओमिक्रॉन के इस नये वेरिएंट BF.7 का हाथ है. यह वेरिएंट पहले भी भारत में पाया गया है, लेकिन जिस स्पीड से यह चीन में बढ़ रहा है, उसने केंद्र और राज्यों की चिंता जरूर बढ़ा दी है. इस वजह से भारत सरकार पहले से ज्यादा सतर्क हो गई है. इसकी वजह है कि विशेषज्ञों ने आने वाले महीनों में लाखों मौतों का अनुमान लगाया है और इसके साथ ही चीन में स्थिति चिंताजनक बन गई है.
इन सारी चिंताओं के बीच हमारे लिए एक बात खास है कि चीन में बढ़ रहे कोरोना के मामलों से हमें डरने की नहीं, अलर्ट रहने की जरूरत है. विशेषज्ञों को उम्मीद है कि ओमिक्रॉन के संक्रमण का इस बार भारत का मामला अलग होगा क्योंकि ओमिक्रॉन के सभी चार BF.7 मामले अतीत में – जुलाई, सितंबर और नवंबर में भारत में पहले ही पाए गए थे और भारत में फिलहाल BF.7 का कोई सक्रिय मामला नहीं है.
एम्स दिल्ली के वरिष्ठ महामारी विशेषज्ञ, डॉ. संजय राय ने कहा है कि भारत में, हमारे पास यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि जो लोग कोविड से ठीक हो गए हैं, वे सबसे अच्छी तरह सुरक्षित हैं. सभी वैरिएंट की निगरानी करना महत्वपूर्ण है. लेकिन वर्तमान परिदृश्य में वायरस के कारण हमें किसी गंभीर समस्या का सामना करने की संभावना नहीं है.
1. BF.7 एक नया वेरिएंट नहीं है और यह Omicron वेरिएंट BA.5 का ही प्रकार है.
2. भारत में SARS-CoV-2 के 10 विभिन्न प्रकार हैं और BF.7 उनमें से ही नया है. भारत में महामारी की दूसरी लहर लाने वाला डेल्टा अभी भी हमारे बीच है.
3. ऐसा माना जाता है कि ओमिक्रॉन सबवैरिएंट्स में BF.7 की सबसे मजबूत संक्रमण क्षमता है. इसकी औसत प्रजनन संख्या 10 से 18.6 के हिसाब से, यानी एक संक्रमित व्यक्ति 10 से 18 लोगों में कोविड संक्रमण फैला सकता है. लेकिन दूसरी ओर, ओमिक्रॉन का औसत आरओ 5.08 है.
4. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने समीक्षा बैठक की और सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर दिया है. भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोगों को फेसमास्क लगाने की सलाह दी गई है.
5. राज्यों ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है और आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की औचक जांच को फिर से तेज कर दिया है.
6. विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते रहे हैं कि चीन की स्थिति अलग है क्योंकि पिछले महीने तक चीन में कड़ा लॉकडाउन था जिससे हर्ड इम्युनिटी विकसित नहीं हो पाई है.
7. विशेषज्ञों ने चीन में कोरोना संक्रमण फैलने की एक और वजह बताई है जो कि वहां दी जा रही कोरोना वैक्सीन हैं जो चीन ने अपने लोगों को दिए. ये सभी चीन में बने थे.
8. भारत में कोरोना के मामलों की संख्या में फिलहाल कोई खास वृद्धि नहीं हुई है, हालांकि भारत में जुलाई की शुरुआत में ही BF.7 प्रकार का पता चला था.
9. भारत में चार BF.7 मामलों में से कोई भी गंभीर मरीज नहीं था. सभी संक्रमित मरीज होम आइसोलेशन में ही ठीक हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ी.
10. भारत में कोविड-19 की स्थिति को ध्यान में रखते हुए, शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारियों का विचार है कि यह सावधानी बरतने का समय है न कि घबराने का क्योंकि भारत में 3-बूस्टर डोज और मास इम्यूनिटी विकसित होने के कारण कोई नई लहर देखने की संभावना नहीं है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Health की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.