नई दिल्‍ली: विश्‍वव्‍यापी कोरोना वायरस के भयावह इस दौर में दुनिया के अधिकांश लोग संक्रमण के खतरे और लॉकडॉउन जैसी स्थितियों के बीच जी रहे हैं, लेकिन भारी तनाव का सामना कर रहे हैं. इसके लिए दुनियाभर के हेल्‍थ एक्‍सपर्ट्स योगासन, प्रणायाम Breathing Techniques और मेडिटेशन करने की सलाह दे रहें हैं, इ‍सलिए हमें एक्‍सपर्ट्स की राय पर जरूर ध्‍यान देना चाहिए. Also Read - अगस्त-सितंबर में टीम इंडिया का कैंप लगाने के बारे में सोच रही है बीसीसीआई

अनिश्‍च‍ितता के इस वातावरण में वर्तमान और भविष्‍य को लेकर लोग सबसे ज्‍यादा चिंता, तनाव, निराशा जैसी स्थितियों का सामना कर रहे हैं. ऐसे में खुद का मानसिक संतुलन बनाए रखना हर व्‍यक्ति के लिए एक बड़ी चुनौती है.  हेल्‍थ के ल‍िए योगासन, प्रणायाम Breathing Techniques और मेडिटेशन के बारे में जरूर जानना चाह‍िए. Also Read - अमेरिका के बायोटेक कंपनी का दावा, कोरोना के मरीजों पर असरदार हो रहा है यह दवा

आज आपको हम यहां ऐसी Breathing पर आधारित मेडिटेशन Technique बताने जा रहे हैं, जो आपके के तनाव को कम करने में बेहद प्रभावी साबित होगी और आपकी रोग प्रतिरोधिक क्षमता को बेहत मजबूत करने में मददगार होगी. Also Read - WHO ने भी माना- कोरोना वायरस की जानकारी देने में चीन ने की देरी, दस्तावेजों में हुआ खुलासा

ब्रीदिंग पर आधारित मेडिटेशन तकनीक का ऐसे करें अभ्‍यास
– किसी शांत जगह पर बैठ जाएं, जहां शोर-गुल कम हो
– आराम से एक आसन में बैठें, सोफा में भी बैठा जा सकता है
– आराम से बैठें और रीढ़ की हड्डी और गर्दन सीधे रहें, लेकिन इतना ज्‍यादा नहीं रखें कि दर्द बढ़ जाए
– हाथों की दोनों हथेलियां आपस में एक-दूसरे के ऊपर रखे लें, जब बदले का मन करे, तब बदल लें
– धीरे-धीरे आंखें बंद कर लें और अपनी कानों में बाहर की सुनाई दे रही आवाजों को इग्‍नोर करें
– आपका पूरा ध्‍यान नाक के उस अगले हिस्‍से पर रखें, जहां से हवा प्रवेश करती है
– आपको ये स्‍वांस को बिलकुल स्‍वाभाविक तरीके से लें, इसके कम या ज्‍यादा करने की कोशिश न करें
– आप श्‍वांस को नियंत्रति भी न करें और न ही इसकी गिनती करें या इसके समय के प्रति चिंता न करें
– आपको सहज रूप से स्‍वांस के प्रति जागृत रहना है
– श्‍वांस को नाक के द्वार पर महसूस करने के दौरान मन को एकाग्र न करें या जो भी हो उसे हटाने की कोशिश न करें
– ब्रीदिंग की इस प्रक्रिया के दौरान किसी भी शब्‍द, मंत्र, गुरुजी या देवी- देवता का नाम का नहीं लेना है
– श्‍वांस को महसूस करने के दौरान जब महसूस करने के दौरान मन इधर-उधर भटक जाए तो आराम से उसे वापस इसी जगह ले आना है
– इस प्रक्रिया को कम से 5 से 10 मिनट तक करें, अगर आप ज्‍यादा करना चाहें से कर सकते हैं
– जब बीदिंग बेस्‍ड इस मेडिटेशन को आप जब बंद करना करना चाहते हैं, तो श्‍वांस से अपना ध्‍यान- धीरे-धीरे हटा लें
– एक- दो मिनट तक आंखें बंद रखने के बाद धीरे-धीरे आंखें खोलें
– इस अभ्‍यास के बाद कुछ देर बाद धीरे-धीरे सक्रिय हों