नई दिल्ली: भारत में हर साल करीब 18 लाख स्ट्रोक के मामले सामने आते हैं. ये संख्या लगातार बढ़ रही है. इसलिए आज जानें इसके लक्षण, उपचार से जुड़ी हर बात. Also Read - Summer Tips: गर्मियों का सुपरहीरो कहलाया जाता है सत्तू, सेहत के लिए भी है बेहद फायदेमंद

क्या है स्ट्रोक
स्ट्रोक या सेरेब्रो वास्कुलर एक्सीडेंट (सीवीए) की वजह से मस्तिष्क में अचानक रक्त की कमी या मस्तिष्क के भीतर रक्तस्राव होता है. इस कारण न्यूरोलॉजिकल फंक्शन खराब होने लगते हैं. Also Read - Umang App में अब आपको मिलेंगी 4 नई सुविधाएं, जानें किस काम आता है यह ऐप

स्ट्रोक की वजह
मोटापा, धूम्रपान, उच्च रक्तचाप, मदिरापान, मधुमेह और पारिवारिक इतिहास आदि स्ट्रोक की प्रमुख वजह हैं. Also Read - Corona Lockdown: इस मेडिटेशन Techniques से 5-10 मिनट में स्‍ट्रेस करें दूर, बढ़ाएं इम्‍युनिटी

Headache

लक्षण
स्ट्रोक के कुछ लक्षणों में चेहरे, हाथ या पैर (विशेष रूप से शरीर के एक तरफ) की अचानक कमजोरी, भ्रम, बोलने में परेशानी, देखने में परेशानी, चलने में परेशानी, चक्कर आना, संतुलन बनाने में दिक्कत और गंभीर सिरदर्द आदि शामिल हैं.

क्या करें
हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआई) के अध्यक्ष डॉ. के. के. अग्रवाल ने कहा, ‘स्ट्रोक वाले किसी भी व्यक्ति को जल्द से जल्द अस्पताल ले जाया जाना चाहिए और क्लॉट डिजॉल्विंग थेरेपी दी जानी चाहिए’. उन्होंने कहा, “इस दिशा में एक और बड़ी चुनौती यह है कि स्ट्रोक के लिए इलाज अभी भी हमारे देश में धीरे-धीरे ही विकसित हो रहा है. स्ट्रोक के कारण होने वाली विक्लांगता अस्थायी या स्थायी हो सकती है, जो इस बात पर निर्भर करती है कि मस्तिष्क में रक्तप्रवाह कितना है और उससे कौन सा हिस्सा प्रभावित हो रहा है’.

क्या कहते हैं डॉक्टर
वरिष्ठ स्ट्रोक विशेषज्ञ डॉ. विनीत सूरी ने कहा, ‘स्ट्रोक दुनिया भर में प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंताओं में से एक है. पिछले कुछ दशकों में भारत में इसका बोझ खतरनाक दर से बढ़ रहा है. इस स्थिति को हल करने की तत्काल आवश्यकता है’.
(एजेंसी से इनपुट)