
Shweta Bajpai
नमस्कार, मैं श्वेता बाजपेई, वर्तमान में India.com हिंदी में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हूं. हिंदी पत्रकारिता में लगभग 10 वर्षों के अनुभव के दौरान मैंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एंटरटेनमेंट ... और पढ़ें
प्रोटीन का हमारे शरीर में बुनियादी महत्व है. शरीर को स्वस्थ रखने, मांसपेशियों के विकास और खराब टिश्यू की मरम्मत जैसे सभी जरूरी कार्यों के लिए प्रोटीन चाहिए, लेकिन इसका अर्थ ये नहीं है कि हम जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लें. खासकर प्रोटीन पाउडर या मांसाहार के माध्यम से अधिक प्रोटीन लेने से आप बीमार पड़ सकते हैं और आपके शरीर पर बहुत स्ट्रेस पड़ सकता है. आइए इस बारे में डॉ. आशीष गौतम (सीनियर डायरेक्टर – जनरल, लेप्रोस्कोपिक और रोबोटिक सर्जरी, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज, दिल्ली) से जानते हैं.
ज्यादा प्रोटीन हाजमा बिगाड़ सकता है –
डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि हमारा शरीर प्रोटीन का खंडन करता है और इससे यूरिया व अमोनिया जैसे अपशिष्ट तत्व बनते हैं, जिनकी शरीर से निकासी का काम किडनी को करना होता है. ऐसे में ज्यादा प्रोटीन लेने से पाचन तंत्र पर काम का बोझ बढ़ जाता है. प्रोटीन के अपच रहने से गैस, पेट फूलने और लूज मोशन जैसी समस्याएं बहुत आम बात है. दूसरी ओर कम फाइबर वाले ज्यादा प्रोटीन युक्त आहार लेने से पाचन धीमा पड़ सकता है और इस कारण कब्ज रह सकता है.
अधिक मात्रा में प्रोटीन पाउडर के सेवन और शेक पीने से ये समस्याएं बिगड़ सकती हैं. इनमें कई प्रोडक्ट मोटे तौर पर दूध से बने होते हैं, इसलिए लैक्टोज रेसिस्टेंट लोगों के पेट में मरोड़ और दस्त का कारण बन सकते हैं.
मोटापा और पाचन की समस्याएं-
क्यों ज़रूरी है सही मात्रा में प्रोटीन लेना यह समझने के लिए भारत में मोटापे की दर में चिंताजनक वृद्धि देखनी होगी. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (2019-21) में भारत के लगभग चार में एक वयस्क को मोटापा ग्रस्त कहा गया है. विभिन्न राज्यों के लिए यह दर अलग-अलग है – 8 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक. द लैंसेट डायबिटीज़ एंड एंडोक्रिनोलॉजी (2023) ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के एक शोध को प्रकाशित करते हुए कहा है कि तीन में से एक वयस्क को पेट का मोटापा और चार में से एक को सामान्य मोटापा है.
ज्यादा प्रोटीन वाली चीजें, खासकर रेड मीट या तली-भुनी चीजें आपके आहार में फलों, सब्जियों और साबुत अनाज की अहमियत कम कर सकती हैं. इससे फाइबर का सेवन और भी कम हो जाएगा। पाचन की समस्याएं बढ़ने का खतरा रहेगा और आपका वजन और पेट का मोटापा भी बढ़ सकता है. ध्यान रहे, इनका संबंध डायबिटीज, हृदय रोग और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने जैसी समस्याओं से है.
ज्यादा प्रोटीन लेने से पाचन की आम समस्याएं-
पानी की जरूरत और किडनी पर बोझ
प्रोटीन टूटने की प्रक्रिया में अपशिष्ट पदार्थों की निकासी के लिए अधिक पानी की आवश्यकता होती है। ऐसे में पर्याप्त पानी नहीं पीने से कब्ज और शरीर में पानी की कमी हो सकती है। यदि पहले से किडनी या लीवर की समस्या है, तो अधिक प्रोटीन लेने से स्थिति बिगड़ सकती है।
जरूरी है संतुलित आहार –
विश्व स्वास्थ्य संगठन (2024) की मानें तो भारत के 55 प्रतिशत लोग स्वस्थ आहार का खर्च नहीं उठा सकते और 40 प्रतिशत लोग पर्याप्त पोषक तत्वों से वंचित हैं. बहुत ज्यादा प्रोटीन लेने से पर्याप्त विटामिन, खनिज और फाइबर नहीं मिल पाएंगे, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है. इसलिए अच्छा आहार वहीं है जिसमें सब्ज़ियों, फलों, साबुत अनाज और सेहत के लिए सही वसा के साथ-साथ सही मात्रा में प्रोटीन हो.
प्रोटीन के सही-सुरक्षित स्रोत-
प्रोटीन कई प्रकार के होते हैं. पाचन पर उनका अलग-अलग प्रभाव पड़ता है. अधिक प्रोटीन वाले रेड मीट और तली हुई चीजें पेट के लिए सही नहीं हैं. वहीं लीन मीट, मछली, फलियां, ड्राई फ्रूट्स, सीड्स और वनस्पति प्रोटीन पचाना आसान होता है, बशर्ते सही मात्रा में खाएं. खाने में प्रोबायोटिक, जैसे दही लेने से भी आंत स्वस्थ रहती है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Health की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.