तेजी से बढ़ रहा है कोलन कैंसर का खतरा, ये 5 लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर के पास भागें

कोलोरेक्टल कैंसर के मामले तेजी से पैर पसार रहे हैं, ऐसे में समय पर इसके लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है.

Published date india.com Published: September 25, 2024 8:36 AM IST
तेजी से बढ़ रहा है कोलन कैंसर का खतरा, ये 5 लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर के पास भागें

कैंसर एक बेहद गंभीर बीमारी है, इसका नाम सुनते ही लोग घबरा जाते हैं. पिछले कुछ सालों में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ हैं, इन्हीं में से एक है कोलोरेक्टल कैंसर. इसे कोलन और रेक्टल कैंसर के नाम से ही जाना जाता है.

आज ये दुनिया में सबसे आम कैंसर में से एक है. इसके लक्षणों के बारे में देर से पता चलने के कारण इसका इलाज करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो जाता है. हालांकि कैंसर होने से कुछ समय पहले से ही हमारी बॉडी इसे लेकर संकेत देने लगती है, जिन्हें हमें इग्नोर नहीं करना चाहिए और समय रहते इनपर ध्यान देना चाहिए. ऐसे में आज हम आपको अपने लेख में कोलोरेक्टल कैंसर के संकतों के बारे में बताएंगे और इसके खतरे से कैसे बचा जाए उसपर भी बात करेंगे.

कोलोरेक्टल कैंसर के दौरान दिखने वाले 5 आम लक्षण:

  • मलाशय से रक्तस्राव या मल में रक्त: मल में ब्लड आना कोलोरेक्टल कैंसर का संकेत हो सकता है. ऐसे में अगर आपको ये समस्या हो रही है तो इसे हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.
  • बिना कारण वजन कम होना: डाइटिंग या एक्सरसाइज के बिना अगर अचानक और लगातार आपका वजन कम हो रहा है तो ये कोलोरेक्टल कैंसर का इशारा हो सकता है. कोलोरेक्टल कैंसर के चलते अचानक वजन कम होने लगता है, जिसपर हमें ध्यान देना चाहिए.
  • क्रॉनिक पेट दर्द या बेचैनी: अगर आपको लंबे समय से पेट में लगातार ऐंठन, गैस या पेट में दर्द की समस्या हो रही है और ये लगातार बढ़ रहा है तो ये कोलोरेक्टल कैंसर का संकेत हो सकता है.
  • थकान और कमजोरी: अगर भरपूर नींद लेने के बाद भी आपको हमेशा थकान महसूस होती रहती है तो इसे हल्के में न लें ये कोलोरेक्टल कैंसर का इशारा हो सकता है.

मल त्याग करने की आदतों में बदलाव : कोलोरेक्टल कैंसर की परेशानी में बिना किसी ज्ञात कारण के पेट में दर्द हो सकता है. कई बार हमें दस्त या कब्ज की समस्या हो जाती है और ऐसा महसूस होता है जैसे कि आंत्र पूरी तरह से खाली नहीं हुई है, ऐसा बॉउल की आदतों में बदलाव के चलते हो सकता है. अगर यह स्थिति कई हफ्तों तक बनी रहे तो यह कोलोरेक्टल कैंसर का संकेत हो सकता है.

खुद को सुरक्षित रखने के तरीके-

नियमित स्क्रीनिंग: इस कैंसर का पता लगाने के लिए सबसे उपयोगी तरीकों में से एक है 45 वर्ष की आयु के बाद, कोलोनोस्कोपी जैसी नियमित स्क्रीनिंग कराना. यदि इस कैंसर को लेकर आपका पारिवारिक इतिहास है तो आपके लिए ये बेहद जरूरी है.

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स्वस्थ आहार: कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को कम करने के लिए फल, सब्जियां और साबुत अनाज जैसे हाई फाइबर वाले खाद्य पदार्थ का सेवन करें. रेड और प्रोसेस्ड मीट का सेवन सीमित करें क्योंकि इससे खतरा बढ़ जाता है.

नियमित व्यायाम: नियमित रूप से व्यायाम या एक्सरसाइज करने से कोलोरेक्टल कैंसर होने की संभावना कम हो जाती है, क्योंकि एक्सरसाइज पाचन में सुधार करने और शरीर के वजन को सामान्य स्थिति में रखने में मदद करती है.

धूम्रपान और अत्यधिक शराब से बचें: कोलोरेक्टल कैंसर के बढ़ते खतरे धूम्रपान और अत्यधिक शराब के सेवन दोनों से जुड़े हैं. ऐसे में इससे दूरी बना लें.

मेडिकल हिस्ट्री पर दें ध्यान: अगर आपके परिवार में कोलोरेक्टल कैंसर का इतिहास रहा है तो आपको इसका खतरा अधिक है. ऐसे में समय-समय पर जांच कराते रहें.

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