नई दिल्ली: भारत में मानसून अपने साथ फ्लू जैसी बीमारियां भी लेकर आता है. इस मौसम में छोटे बच्चों से लेकर वयस्क भी फ्लू का शिकार होते हैं. बार-बार बदलते तापमान का भी शरीर पर बुरा असर पड़ता है, इसलिए मानसून का आनंद लेने के साथ-साथ खुद को स्वस्थ रखना भी जरूरी है.

नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स में इंटरनल मेडिसिन सीनियर कंसल्टेंट डॉ. तरुण साहनी ने कहा, ‘फ्लू का संक्रमण हालांकि जानलेवा नहीं होता, लेकिन छोटे बच्चों और बुजुर्गो में इसके कारण कई समस्याएं हो सकती हैं. खासतौर पर उन लोगों पर इसका बुरा असर पड़ता है, जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली/इम्यून सिस्टम कमजोर हो’.

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क्या होते हैं लक्षण
तेज बुखार, पसीना आना, कंपकंपी छूटना, लगातार खांसी, नाक बहना, शरीर में दर्द, त्वचा पर रैश होना.

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कैसे होता है
डॉ. साहनी ने कहा, ‘इस सीजन में जिन चीजों को लोग ज्यादा छूते हैं, वहां पर रोग के जीवाणु बहुत जल्दी पनपते हैं. हवा के जरिए सांस से ये जीवाणु एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल जाते हैं. लेकिन सावधानी बरतने से फ्लू की संभावना को कम किया जा सकता है’.

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बचाव कैसे करें
खाना खाने से पहले हाथ धोना बहुत जरूरी है, क्योंकि ये जीवाणु शारीरिक संपर्क से फैलते हैं. नियमित रूप से व्यायाम करें, इससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है. पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं. सेहतमंद और पोषक आहार लें. स्वास्थ्यप्रद भोजन खाने से प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है.

क्या है उपचार
डॉ. साहनी ने कहा, ‘बुखार और शरीर के दर्द को कम करने के लिए दवाएं ली जा सकती हैं. कफ ड्रॉप खांसी से राहत देते हैं, लेकिन अगर लक्षण बहुत ज्यादा परेशान कर रहे हैं तो डॉक्टर से सलाह लें. मानसून में सेकेंडरी इन्फेक्शन भी हो सकता है. ऐसे मामलों में दोस्तों, इंटरनेट की सलाह से दवाएं लेने के बजाए डॉक्टर से सलाह लें. आराम करें, कम से कम 8 घंटे की नींद लें.
(एजेंसी से इनपुट)

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