Diabetes In Women: आज के समय में कुछ बीमारियां तेजी से पैर पसार रही हैं. डायबिटीज दुनिया में बढ़ती बीमारियों में से एक है. पहले डायबिटीज केवल बुजुर्गों को प्रभावित करता था, लेकिन अब इस बीमारी से कई युवा भी प्रभावित हो रहे हैं. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. इसे आजीवन बीमारी के रूप में देखा जाता है. एक आंकड़ा कहता है कि हर साल दस लाख से अधिक लोग इससे प्रभावित होते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि यह बीमारी तब होती है जब शरीर ब्लड स्ट्रीम में मौजूद सभी शुगर को संसाधित नहीं कर पाता है. ऐसे में आज हम अपने लेख में डायबिटीज के प्रकार और महिलाओं इसके लक्षणों के बारे में जानेंगे.
डायबिटीज के प्रकार:
डायबिटीज दो प्रकार की होती है, टाइप 1 और टाइप 2. इसमें टाइप 1 पैंक्रियास में इंसुलिन का उत्पादन बंद हो जाता है, इसलिए, ग्लूकोज रक्तप्रवाह में जमा हो जाता है, हालांकि चिकित्सा वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इसके हेरेडेटरी कारण हो सकते हैं, लेकिन सटीक कारण का अभी भी पता नहीं चल सका है. टाइप 2 डायबिटीज में, पैंक्रियास पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है, इसके चलते जिन हार्मोनों को शरीर में ठीक से काम करना चाहिए, वे ठीक से काम नहीं कर पाते हैं. इस प्रकार की डायबिटीज मध्यम आयु वर्ग और बुजुर्ग लोगों में होती है. साथ ही, बैठे-बैठे नौकरी करने वाले युवा भी इस समस्या से पीड़ित हो सकते हैं.
महिलाओं में डायबिटीज के लक्षण-
आप कुछ लक्षणों को देखकर पता लगा सकते हैं कि आपको डायबिटीज है या नहीं. डॉक्टरों का सुझाव है कि ये लक्षण महिलाओं और पुरुषों में अलग-अलग हो सकते हैं. –
-अत्यधिक प्यास लगना:
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डायबिटीज से पीड़ित कुछ लोगों को औरों की तुलना में अधिक प्यास लगती है, चाहे वे कितना भी पानी पी लें. ये डायबिटीज का संकेत हो सकता है. हालांकि, यह लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है.
-जेनिटल इन्फेक्शन:
कई महिलाओं में जेनिटल इन्फेक्शन आम है. इसे अंग्रेजी में यीस्ट इन्फेक्शन कहते हैं. ऐसा कहा जाता है कि मधुमेह से पीड़ित महिलाओं को इस संक्रमण से आसानी से छुटकारा नहीं मिलता है. कुछ मेडिकल रिपोर्टों से पता चलता है कि भले ही वे इससे ठीक हो जाएं, फिर भी वे अक्सर इस संक्रमण से पीड़ित रहती हैं.
-यूटीआई समस्या:
हाई शुगर लेवल वाली महिलाओं को यूटीआई की समस्या हो सकती है. यह एक सामान्य लक्षण भी हो सकता है. इसलिए इस बारे में डॉक्टर से सलाह लें और फिर जांच कराएं कि आपको डायबिटीज है या नहीं.
-सेक्स ड्राइव में कमी:
डायबिटीज से पीड़ित लोगों को सेक्स ड्राइव में कमी का अनुभव हो सकता है. डायबिटीज नर्व डैमेज और जेनिटल एरिया में ड्राईनेस का कारण बन सकता है. इससे हर समय आलस्य लग सकता है.
-हैवी ब्लीडिंग:
डॉक्टरों का कहना है कि डायबिटीज से पीड़ित महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान हैवी ब्लीडिंग का अनुभव हो सकता है. ऐसा हार्मोनल बदलाव के कारण हो सकता है.
अन्य लक्षण:
बिना वजह वजन कम होना, त्वचा का रंग बदलना और गर्भधारण करने में समस्या होना भी मधुमेह के लक्षण हो सकते हैं.
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