कैंसर एक ऐसी खतरनाक बीमारी है जिसका नाम सुनकर ही भय लगने लगता है. यदि इस बीमारी का समय पर इलाज नहीं कराया गया तो यह जानलेवा भी हो सकता है. पूरी दुनिया में लाखों लोग हर साल कैंसर के शिकार होने से अपनी जान गवां बैठते हैं. कैंसर के बारे में कहा जाता है कि यदि एक निश्चित सीमा से ज्यादा फैल जाए, तो मरीज का बचना मुश्किल हो जाता है. लेकिन समय रहते इसके लक्षण को पहचानकर सही समय पर इलाज कराया जाए मरीज की जान बचाई जा सकती है. आपको ऐसा ही एक कैंसर के बारे में बताते हैं, जिसका  नाम लिम्फोमा कैंसर. यह शरीर के अलग-अलग अंगों को प्रभावित करता है और गले के लिए बेहद खतरनाक होता है. यह सांस नली को प्रभावित करता है, जिसकी वजह से मरीज के अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है. साथ ही गले के आकार में भी बदलाव आ जाता है. तो आइए जानते हैं इस कैंसर के बारे में..

क्या होता है लिम्फोमा कैंसर

इंसान के शरीर में मौजूद इम्‍यून सिस्‍टम की कोशिकाओं को लिम्‍फोकेट्स कहते हैं. लेकिन जो कोशिकाएं कैंसर से ग्रसित हो जाती हैं उन्‍हें लिम्‍फोमा या लिम्‍फ कैंसर कहते हैं. हमारे शरीर में 35 अलग-अलग तरह के लिम्‍फोकेट्स होती हैं. इनमें से कई बार कुछ कोशिकाएं लिम्‍फोमा से ग्रसित हो जाती हैं. इसकी वजह से शरीर की अन्‍य बीमारियों के लिए इम्यून पावर कम हो जाता है. लिम्‍फोमा सबसे अधिक ब्‍लड कैंसर होने वाला प्रकार है.

दो तरह के होते हैं लिम्फोमा कैंसर

लिम्फोमा दो तरह के होते हैं, एक होडकिन और  दूसरा गैर-हॉजकिन. ये दोनों अलग-अलग प्रकार के लिम्फोसाइट्स को प्रभावित करते हैं.  कैंसर होने के बावजूद लिम्फोमा का काफी हद तक इलाज संभव है. कई मामलों में वे पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं. यह कैंसर ल्यूकेमिया से काफी अलग होता है क्योंकि दोनों अलग-अलग तरीके की कोशिकाओं में शुरू होते हैं. लिम्फोमास लिम्फोसाइट्स में शुरू होता है जबकि ल्यूकेमिया अस्थि मज्जा कोशिकाओं में शुरू होता है. यदि इनमें से किसी का लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

लिम्फोमा कैंसर के गले में होने का लक्षण

गले में सूजन का होना.
गला खराब होना.
कान का दर्द होना.
नाक का ब्लॉक होना.
किसी भी चीज को निगलने में दिक्कतों का सामना करना.
मुंह और होंठ का सुन्न पड़ जाना.

गले में होने लगती है सूजन

गले में सूजन होने के कई कारण हो सकते हैं. गले में संक्रमण की वजह से भी गले में सूजन, खराश और हल्का दर्द हो सकता है. टॉन्सिल के कारण भी गले में समस्या हो सकती है. लेकिन यदि दो हफ्तों तक लगातार गले में सूजन और दर्द  रहता है या दर्द सामान्य से तेज होता है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्योंकि ये गले में लिम्फोमा कैंसर के संकेत हो सकते हैं.