Corona Virus Bihar: बिहार में 15 दिनों में कोरोना महामारी की दूसरी लहर आ सकती है. इसे देखते हुए बिहार स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात कर राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों को इसके लिए तैयार रहने के लिए कहा है. उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जिन डॉक्टरों व पारा मेडिकल स्टाफ को अवकाश चाहिए, वे इस बीच ले लें, नहीं तो 15 दिन बाद विभाग किसी को अवकाश देने की स्थिति में नहीं रहेगा. हमें इससे निपटने की पूरी तैयारी करनी होगी.Also Read - Omicron का खतरा : दक्षिण अफ्रीका से लौटे चंडीगढ़ में तीन, बेंगलुरू में दो कोरोना पॉजिटिव; वेरिएंट की जांच जारी

बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पहले ही देश में उन राज्यों को आगाह किया है, जहां कोरोना संक्रमण (CoronaVirus) के मामले आने कम हो गए हैं. विश्व् स्वास्थ्य संगठन के अनुसार इन राज्यों में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर आ सकती है और  इस लहर के दौरान पहले से ज्यादा तेजी से वायरस के फैलने की आशंका है. बता दें कि दिल्ली में कोरोना की आई दूसरी लहर के साथ ही रिकॉर्ड संख्या में संक्रमित मिलने शुरू हो गए हैं जिसके बाद वहां स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है. Also Read - Shocking: 15 महीने से मुर्दाघर में रखे थे कोरोना संक्रमित दो शव, सफाई करने गए कर्मियों ने जैसे ही देखा...

इस आशंका को देखते हुए बिहार में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग कोरोना के खिलाफ जंग लड़ने के लिए पहले से ही तैयारियों में जुट गया है. स्वास्थ्य विभाग को प्रधान सचिव जांच व उपचार सुविधाएं बढ़ाने में जुटे हैं. इसके लिए 15 सितंबर के पहले आरटी-पीसीआर विधि से जांच की संख्या बढ़ाने के लिए नई मशीनें स्थापित कराने के साथ दो नई कोबास मशीनें भी मंगाई जा रही हैं. Also Read - दक्षिण अफ्रीका से मुंबई लौटा शख्स Corona संक्रमित मिला, क्या Omicron ने देश में दी दस्तक, जानें

प्रधान सचिव ने बिहार के सभी मेडिकल कॉलेज एवं अस्‍पतालों के साथ सभी निजी अस्पतालों को भी कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने पर सबको इलाज के लिए तैयार रहने के लिए कहा है. इसके अलावा इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) के अधिकारियों को जरूरत पडऩे पर सौ बेड का कोविड वार्ड शुरू करने की तैयारी रखने का भी निर्देश दिया है.

बता दें कि रिकवरी रेट में बिहार अन्य राज्यों को पछड़ाते हुए पहले पायदान पर है. बिहार में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का रिकवरी रेट 91 फीसदी के करीब है जो कि राष्ट्रीय औसत से करीब 14 फीसदी अधिक है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग जांच में तेजी लाने के साथ-साथ कोरोना मरीजों को समुचित और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करा रहा है.