Coronavirus Alert: चीन में कोरोनावायरस से हजारों की मौत हो चुकी है. अब ये डेडली वायरस हमारे देश में दस्‍तक दे चुका है. चंद मिनटों में एक से सैकड़ों तक पहुंच जाने वाले इस वायरस से बचाव ही एकमात्र तरीका है. Also Read - HC ने दिल्‍ली सरकार से पूछा, क्या AAP MLA इमरान हुसैन को ‘रिफिलर’के जरिए ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई?

पर इन सब खबरों के बीच रोजमर्रा का जीवन तो चलना ही है. ऐसे में आप ये कैसे पहचान सकते हैं कि कोई व्‍यक्ति संक्रमित है या आप खुद ही संक्रमण का शिकार तो नही हुए हैं. आखिर वो क्‍या बदलाव है जो शरीर में कोरोनावायरस की एंट्री के बाद आने लगते हैं. Also Read - Aligarh Muslim University में कोरोना के नए वेरिएंट की आशंका! 26 प्रोफेसरों की मात्र 20 दिन में मौत

डॉक्‍टर्स कह रहे हैं कि इस वायरस से संक्रमित होते ही सर्दी, जुकाम, खराश, सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण उभरते हैं. पर हम आपको बता रहे हैं उन लक्षणों के बारे में जो चीन में इस वायरस की वजह से मर चुके लोगों में उभरे थे. Also Read - Covid-19 Vaccination In Maharashtra: महाराष्ट्र में अब तक 1.8 करोड़ से अधिक लोगों का टीकाकरण

कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले पहले 99 मरीजों के इलाज का विस्तृत ब्योरा लांसेट मेडिकल जर्नल में पब्लिश किया गया है. इसमें कई सारी बातें बताई गई हैं.
इसमें बताया गया है कि वुहान के जिन्यिन्तान हॉस्पिटल में जिन 99 मरीजों को लाया गया था, उनमें निमोनिया के लक्षण थे. इन मरीजों के फेफड़े में तकलीफ थी और फेफड़े की वो जगह, जहां से ऑक्सिजन रक्त में जाता है वहां पानी भरा हुआ पाया गया था.

इसके अलावा इनमें से 82 लोगों को बुखार था, 81 लोगों को खांसी थी. 31 लोग सांस लेने में तकलीफ महसूस कर रहे थे, 11 को मांसपेशियों में काफी दर्द था. 9 लोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा था यानी भ्रम हो रहा था, 8 को काफी सर दर्द था 5 लोगों के गले में फोड़े जैसी कुछ समस्या हो गई थी.

एक व्‍यक्ति को सांस लेने में बहुत ज्‍यादा तकलीफ थी. वेंटिलेटर पर रखा गया. इसके बावजूद उसका फेफड़ा नाकाम हो गया और उसके दिल ने काम करना बंद कर दिया. कई अन्‍य की जान निमोनिया के कारण चली गई.

 

सीफूड है वजह?

 

वुहान के हुआनान सीफूड मार्केट में मिलने वाले समुद्री जीव को कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि वुहान के जिन्यिन्तान हॉस्पिटल में लाए गए 99 लोगों में 49 का इस सीफूड मार्केट से जुड़ाव था.

पहले से बीमार को ज्‍यादा खतरा

 

इस संक्रमण का खतरा उन लोगों को ज्‍यादा है जो पहले से बीमार हैं. 99 मरीजों में से ज्‍यादातर को पहले से कोई न कोई बीमारी थी. डॉक्टर इसे कमजोर प्रतिरोधक क्षमता का नतीजा बता रहे हैं.