Corona infect brain’s Respiratory Center: सीएसआईआर के कोलकाता स्थित भारतीय रासायनिक जीवविज्ञान संस्थान (आईसीसीबी) में अनुसंधानकर्ताओं की एक टीम ने कोरोना वारयस के तंत्रिका तंत्र में प्रवेश करने की संभावना संबंधी अध्ययन में पाया है कि यह वायरस मस्तिष्क के श्वसन केंद्र को भी संक्रमित कर सकता है. Also Read - दिल्ली में कोरोना के 2,008 नए मामले सामने आए, कुल संक्रमित संख्या 1,02,831 हुई; 3,165 की मौत

अनुसंधानकर्ताओं ने सुझाव दिया है कि कोरोना वायरस के कारण होने वाली मौत की दर के बारे में पता लगाने के लिए केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के श्वसन केंद्र पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए. ‘एसीएस केमिकल न्यूरोसाइंस’ में प्रकाशित और विज्ञान एवं इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी) द्वारा समर्थित लेख में कहा गया है कि कोरोना वायरस नाक के जरिए दिमाग में घुस सकता है और गंध का एहसास कराने वाले मस्तिष्क के हिस्से ‘ओलफेक्ट्री बल्ब’ में पहुंच सकता है. Also Read - कोरोना महामारी से मुकाबले के लिए ‘हर्ड इम्यूनिटी’ की संभावना पर संदेह, इस अध्ययन में आई ये बात सामने 

अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि ओलफेक्ट्री बल्ब से यह वायरस श्वसन गति को नियंत्रित करने वाले मस्तिष्क के मुख्य भाग प्रीबोटजिंगर कॉम्प्लेक्स (पीबीसी) को संक्रमित कर सकता है. इससे पता चलता है कि मस्तिष्क के श्वसन केंद्र के काम करना बंद कर देने से कोविड-19 मरीजों की मौत हो सकती है. Also Read - लॉकडाउन के कारण रद्द हुईं उड़ानें, लोगों का पैसा अटका; अब न्यायालय ने केन्द्र और डीजीसीए को भेजा नोटिस

डॉ. प्रेम त्रिपाठी, डॉ. उपासना रे, डॉ. अमित श्रीवास्तव एवं डॉ. सोनू गांधी की टीम ने कहा कि हालांकि सर्वाधिक संक्रमित होने वाले अंगों में फेफड़े शामिल हैं, लेकिन मस्तिष्क समेत कई अन्य अंग भी संक्रमित हो सकते हैं.