Coronavirus In India: देश में कोरोना मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है. ऐसे में सरकार के सामने चुनौती है कि कोरोना मरीजों की जांच में तेजी लाई जाए. सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी कोशिश कर रही है. Also Read - सऊदी अरब ने फिर से खोलीं 90 हजार मस्जिदें, मक्का अब भी बंद

टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार की योजना है कि आरटी-पीसीआर प्रोसेस के माध्यम से हर दिन टेस्टिंग की संख्या को दोगुना बढ़ाया जाए. Also Read - उत्तराखंड कैबिनेट को क्‍वारंटाइन में भेजने की जरूरत नहीं: स्वास्थ्य सचिव

दरअसल कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण, कोरोना प्रभावित संदिग्धों का बड़ी संख्या में आना जारी है. ऐसे में ज्यादा टेस्टिंग की आवश्यकता है. सरकार भी टेस्टिंग को बड़े पैमाने पर करने को तैयार है. खबर के मुताबिक, टीबी के लिए प्रयोग होने वाली जांच और एंटी बॉडीज टेस्ट के माध्यम से कोरोना की शुरुआती जांच की जाएगी. Also Read - Coronavirus Lockdown: स्कूलों को फिर से खोलने की योजना पर अभिभावकों की बढ़ी चिंता, जानें क्या है सरकार की प्लानिंग

गौरतलब है कि फिलहाल आईसीएमआर के अधीन काम करने वाले लैब प्रतिदिन 10,000 टेस्ट कर रहे हैं. सरकार की योजना है कि अगले 3 दिनों में इसे 20,000 टेस्ट तक पहुंचा दिया जाए.

सरकारी सूत्र के अनुसार, 250 TrueNat और 200 CB-NAAT मशीनों के जरिए कोरोना संदिग्धों की जांच की जाएगी. इनका इस्तेमाल अब तक टीबी की जांच में किया जाता रहा है. सरकार की योजना है कि जिन इलाकों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हों, वहां रैपिड एंटीबॉडीज टेस्ट कराया जाए.

बता दें कि देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए 21दिन का लॉकडाउन लगाया गया है, लेकिन कोविड-19 के मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ रही है. पिछले 24 घंटे में देश में 27 लोगों ने कोरोना के कारण जान गंंवाई है. रविवार को 500 से अधिक कोरोना के मामले सामने आए.