Coronavirus: दुनिया भर में कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ रहा है. हमारा देश भी अब इससे अछूता नही है. देश में लगातार इस वायरस के मामले बढ़ रहे हैं. ऐसे में सर्दी-जुकाम या सामान्य फ्लू के लक्षण भी लोगों के लिए चिंता का विषय बन गए हैं. Also Read - Corona Cases In Maharashtra: राज्य में आज भी मिले 60 हजार से अधिक केस, हालात गंभीर

अगर आप भी ऐसे ही लक्षणों को लेकर परेशान हैं, तो सबसे पहले तो ये जान लें कि कोरोना में कौन सी दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए. Also Read - महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़ सहित इन 10 राज्यों में तेजी से फैल रहा कोरोना; 80% से ज्यादा केस मिले, सैकड़ों की मौत

हालांकि वायरस को खत्म करने वाली कोई दवा तलाशने में वैज्ञानिकों को सफलता नहीं मिली है. पर एक ऐसी दवा है जो इस संक्रमण में खतरनाक हो सकती है. Also Read - Delhi reports new #COVID19 cases: दिल्ली में आज मिले कोरोना के इतने मरीज, 100 के अधिक लोगों की मौत

ये दवा है आईब्रूफेन. इसका प्रयोग सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है. कोरोना वायरस से बचने के लिए इसकी जगह पेरासिटामोल का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है.

सबसे पहले फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री ने यह दावा किया था कि आईब्रूफेन का कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए बेहतर नहीं है. इस दवा के सेवन के बाद शरीर में एक ऐसे एंजाइम की मात्रा बढ़ जाती है जो कोविड-19के संक्रमण को और बढ़ा सकती है.

डब्ल्यूएचओ ने कहा था कि लोगों को इन लक्षणों का इलाज करने के लिए खुद से डॉक्टर बनकर आईब्रूफेन के उपयोग से बचना चाहिए.

हालांकि अभी तक ऐसा कोई शोध नहीं किया गया है जिसमें पता चले कि आईब्रूफेन के इस्तेमाल से किसी मरीज की हालत बेहद खराब हो गई हो, पर कुछ केसों के आधार पर डॉक्टर्स इस दवा के सेवन में बेहद सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं.

कैसे फैलता है कोविड-19

यह वायरस हवा में कुछ घंटों तक जिंदा रह सकता है. किसी सतह पर कितने दिनों तक जिंदा रह सकता है यह उस सतह पर निर्भर करता है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ, सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन, प्रिंसटन यूनिवर्सिटी और यूसीएलए ने द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में एक रिसर्च प्रकाशित की है जिसमें कहा गया है कि कोरोना वायरस हवा में करीब 3 घंटों तक जिंदा रह सकता है. प्लास्टिक और स्टील की सतह पर ये वायरस 2-3 दिन तक जिंदा रह सकता है. कार्ड बोर्ड पर 24 घंटे तक जिंदा रह सकता है. कॉपर पर ये वायरस 4 घंटे तक जिंदा रह सकता है.