Coronavirus Medicines: दुनिया भर के वैज्ञानिक इस समय कोरोना वायरस का इलाज ढूंढ़ने में लगे हैं. उनकी कोशिश है कि अब तक 14 हजार लोगों को लील चुके इस वायरस के लिए कोई दवा या वैक्सीन डेवलेप की जा सके. Also Read - 350 जरूरतमंद परिवारों की मदद कर रहे हैं भारतीय स्पिनर शाहबाज नदीम

आज हम आपको ऐसी ही दवाओं के बारे में बताने जा रहे हैं जो इसका इलाज बन सकते हैं. टीओआई की रिपोर्ट में इनके बारे में विस्तार से बताया गया है. Also Read - दिल्ली, मुंबई के बाद कोरोना संक्रमण का हॉट स्पॉट बना ये शहर, मरीजों की तादाद 89

सबसे पहले तो ये जान लीजिए कि अब तक चीन, अमेरिका और यूरोप में कोरोनावायरस वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल शुरू हो चुके हैं. चीन में करीब 1,000 वैज्ञानिक वैक्सीन को डेवलेप करने के काम में लगे हैं. अमेरिका में भी कई कंपिनयां वैक्सीन बनाने के लिए प्रयासरत हैं. यूरोप में भी यही हाल है. Also Read - विराट कोहली ने चुना अपना पसंदीदा फॉर्मेट, कहा-टेस्ट क्रिकेट ने मुझे बेहतर इंसान बनाया

इनमें से कोई दवा होगी कारगर

Favipiravir

 

टाइप : Antiviral

कंपनी : Fujifilm Development

स्टेज: बड़े स्तर पर प्रयोग करने की अनुमति नहीं. इससे पहले इसे इन्फ्लूएंजा के इलाज के लिए प्रयोग किया गया.

जापान के ग्रुप ने इसे कोविड 19 के मरीजों पर टेस्ट किया. इसे इलाज के दौरान सुरक्षित पाया गया है. जिन मरीजों को ये दवा दी गई उनकी स्थिति में काफी सुधार आया. जापान के डॉक्टर्स इसे काफी माइल्ड केसों के इलाज के लिए प्रयोग कर रहे हैं. पर कोरोना के सीरियस केसों पर इस दवा का कैस असर होगा, अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है.

Actemra

 

 

टाइप : Anti-inflammatory
कंपनी: Roche
स्टेज: फेज 3 का ट्रायल जारी है. इससे पहले इसे रूमेटाइड अर्थराइटिस के इलाज में प्रयोग किया जाता रहा है.

ये एंटी इंफ्लेमेटरी ट्रीटमेंट एक स्विस कंपनी ने डिजाइन किया है. चीन ने कोविड 19 के इलाज के लिए इसे अप्रूव किया है.

Chloroquine

 

टाइप : Antiviral

स्टेज : ट्रायल पर है. इससे पहले इसे मलेरिया के इलाज में प्रयोग किया जाता रहा है.

इस दवा को सबसे पहले 1934 में डेवलप किया गया था. ये वायरस को शरीर में बढ़ने से रोकती है. ये सस्ती और मलेरिया के इलाज में प्रयोग होने वाली आम दवा है. भारत के पास इस दवा का काफी स्टॉक है. इसका चीन में ट्रायल किया गया है. नतीजों का इंतजार है.

 

Remdesivir

 

टाइप : Antiviral
कंपनी : Gilead sciences

स्टेज: इंसानों पर ट्रायल चल रहा है.

इस दवा को अमेरिका की एक कंपनी ने इबोला वायरस के इलाज के लिए विकसित किया था. कुछ टेस्ट में ये पता चला है कि ये दवा कोरानावायरस को बढ़ने से रोकती है. इस दवा को लेकर कुछ ट्रायल किए गए हैं जिनके नतीजे अप्रैल मध्य तक आने की उम्मीद है.

Interferon alfa-2b

 

टाइप : Antiviral
कंपनी : Changheber
स्टेज: इसे अब तक डेंगू, मेनिनजाइटिस आदि के इलाज में प्रयोग किया जाता रहा है. ये उन 30 दवाओं में शामिल है जिसे चीन ने कोविड 19 के इलाज के लिए अप्रूव किया है.

इस दवा को सबसे पहले क्यूबा में 1981 में विकसित किया गया था. डेंगू के इलाज के लिए. ये कई वायरल बीमारियों में कारगर है.

Kevzara

 

टाइप : Anti-inflammatory

स्टेज: इसे अब तक रूमेटाइड अर्थराइटिस के इलाज में प्रयोग किया जाता रहा है.

इस दवा को 400 मरीजों पर टेस्ट किया गया है. इसके फेज 2 और फेज 3 ट्रायल अमेरिका के मरीजों पर चल रहे हैं.