बीजिंग: जानलेवा कोरोनावायरस (सीओवीआईडी-19) मां के पेट में पल रहे शिशु को प्रभावित नहीं करता है. शोधकर्ताओं को एक नए अध्य्यन में यह बात पता चली है. द लांसेट नामक पत्रिका में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, वर्तमान में कोई सबूत नहीं है कि सीओवीआईडी-19 नवजात शिशुओं में गंभीर प्रतिकूल परिणाम का कारण बनता है या यह गर्भ में पल रहे बच्चे को यह संक्रमित कर सकता है.

एक नए शोध में यह भी पता चला कि गर्भवती महिलाओं में सीओवीआईडी -19 संक्रमण के लक्षण गैर-गर्भवती महिला व्यस्कों की रिपोर्ट के समान थे और अध्ययन में कोई भी महिला गंभीर निमोनिया से संक्रिमित नहीं हुई और ना ही उसकी मौत हुई. यह नया शोध ऐसे समय में आया है, जब एक नवजात बच्चा जन्म लेने के 36 घंटे बाद कोरोनावायरस से संक्रमित पाया गया. इसके बात से प्रश्न उठने लगे थे कि क्या यह बीमारी गर्भवती मां से बच्चे को हो सकती है.

चीन स्थित वुहान विश्वविद्यालय के झेजियांग अस्पताल के प्रमुख लेखक युआनजेन झांग ने कहा, “गौरतलब है कि इस मामले के कई महत्वपूर्ण नैदानिक विवरण गायब हैं और इस कारण से, हम इस एक मामले से निष्कर्ष नहीं निकाल सकते हैं कि क्या अंतर्गर्भाशयी संक्रमण संभव है.” झांग ने आगे कहा, “बहरहाल, सीओवीआईडी-19 निमोनिया (कोरोनावायरस) से संक्रमित मां से जन्मे नए शिशुओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है ताकि इस समूह में संक्रमण को रोका जा सके.”