नई दिल्ली: चीन से शुरु होकर दुनियाभर में हाहाकार मचाने वाली कोरोनावायरस का अब तक कोई वैक्सीन नहीं बनाया जा सका है. इस कारण चीन में पूरी दुनिया में 6 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. इसमें 3 हजार से अधिक मौते चीन में दर्ज की गई हैं. इस वायरस का इलाज दुनियाभर में खोजा जा रहा है. इसी बीच यह एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. खबर के मुताबिक चीन कोरोना वायरस को रोकने के लिए एड्स की दवाओं का इस्तेमाल कर रहा है. यही नहीं कई लोगों का इस दवाई के प्रभाव से कई मरीज अब तक दुनियाभर में ठीक भी हो चुके हैं. Also Read - Corona Cases In Maharashtra: राज्य में आज भी मिले 60 हजार से अधिक केस, हालात गंभीर

न्यूयॉर्क पोस्ट की एक खबर के मुताबिक चीनी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि कोरोना वायरस के इलाज (Coronavirus Medicine) के लिए एड्स की दवाईयों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस मामले में विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एचआईवी से लड़ने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एंटी-वायरल दवाओं का इस्तेमाल बढ़ते कोरोनावायरस खतरे के इलाज के लिए किया जा सकता है, तो यह निर्धारित करने के लिए और अधिक परीक्षण की आवश्यकता है. Also Read - महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़ सहित इन 10 राज्यों में तेजी से फैल रहा कोरोना; 80% से ज्यादा केस मिले, सैकड़ों की मौत

चीन, थाईलैंड और जापान के डॉक्टरों का कहना है कि एचआईवी ड्रग का इस्तेमाल लोपिनावीर और रिटोनाविर (Lopinavir and ritonavir) का इस्तेमाल मरीजों के इलाज के लिए किया जा रहा है. वहीं अब भारत में भी इन दवाइयों का इस्तेमाल कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में किया जा सकता है. Also Read - Delhi reports new #COVID19 cases: दिल्ली में आज मिले कोरोना के इतने मरीज, 100 के अधिक लोगों की मौत

यही नहीं अब भारत में भी कोरोना से निपटने के लिए इन दवाइयों का इस्तेमाल किया जा सकता है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) को लोपिनाविर और रिटोनाविर के इस्तेमाल के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल की मंजूरी हासिल है. इन दोनों का इस्तेमाल एड्स के इलाज के लिए होता है. भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने पर ही इन दवाओं का इस्तेमाल किया जाएगा.