ब्रिटेन में अनुसंधानकर्ताओं ने पाया है कि कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके व्यक्ति को संक्रमण से बचाने वाले एंटीबॉडी ‘‘तेजी से घट रहे हैं’’, जिसके कारण कोविड-19 संक्रमण से लंबे समय तक रोग प्रतिरोधक क्षमता बने रहने की उम्मीदें धूमिल होती नजर आ रही हैं. Also Read - Delhi COVID-19 Cases Update: दिल्‍ली में कोरोना के 4,906 नए,Total Death toll 9000 के पार

‘इम्पीरियल कॉलेज लंदन’ के एक अध्ययन के तहत इंग्लैंड में 3,65,000 से अधिक लोगों की जांच की गई. अध्ययन में पाया गया कि कोविड-19 के लिए जिम्मेदार कोरोना वायरस से रक्षा करने वाले एंटीबॉडी समय के साथ कम हो रहे हैं, जो संकेत देते हैं कि रोग प्रतिरोधक क्षमता केवल कुछ ही महीने बनी रह सकती है. Also Read - Corona India Latest Update: 24 घंटे में करीब 500 लोगों की कोरोना से मौत, 94 लाख के पास पहुंची संक्रमितों की संख्या

अध्ययन करने वाले अनुसंधानकर्ताओं में शामिल रहे प्रोफेसर वेंडी बार्कले ने कहा, ‘‘हर बार सर्दी के मौसम में लोगों को संक्रमित करने वाला कोरोना वायरस छह से 12 महीने बाद लोगों को फिर से संक्रमित कर सकता है.’’ Also Read - India Vs Australia 2nd ODI (HIGHLIGHTS): दूसरे वनडे में जीत हासिल कर ऑस्ट्रेलिया ने 2-0 से सीरीज पर कब्जा किया

उन्होंने कहा, ‘‘हमें आशंका है कि कोविड-19 संक्रमण के लिए जिम्मेदार वायरस से संक्रमित होने पर भी शरीर इसी तरह प्रतिक्रिया देता है.’’

‘इम्पीरियल कॉलेज लंदन’ में निदेशक पॉल इलियॉट ने कहा, ‘‘हमारे अध्ययन दर्शाते हैं कि समय के साथ उन लोगों की संख्या में कमी देखी गई है, जिनमें एंटीबॉडी हैं.’’

अध्ययन में कहा गया है कि एंडीबॉडी कम होने के मामले युवाओं की अपेक्षा 75 साल और इससे अधिक आयु के लोगों में अधिक पाए गए हैं.
(एजेंसी से इनपुट)