Covid-19 New Symptom: देश और दुनिया में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. दुनियाभर के वैज्ञानिक इस बीमारी का इलाज ढूंढने में लगे हैं. लेकिन सबसे बड़ी परेशानी इस बीमारी की पहचान में आ रही है. भारत सहित दुनिया के तमाम देशों में इस बीमारी के जितने भी मरीज हैं उनमें से 70 से 80 फीसदी एसिम्प्टोमेटिक (Asymptomatic) हैं. यानी इन मरीजों में कोरोना का संक्रमण था लेकिन उनमें इस बीमारी के कोई लक्षण नहीं दिख रहे थे. Also Read - Bihar News: बक्सर में गंगा नदी में बहती मिलीं 30 से ज्यादा लाशें, लोगों में भय का माहौल; DM बोले- 'सभी शव बहकर आए'

लेकिन, अमेरिकी एजेंसी द सेंटर्स फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (The Centers for Disease Control and Prevention) यानी CDC ने कोरोना का एक नया लक्षण पता लगाने का दावा किया है. इस एजेंसी ने अपनी वेबसाइट पर कहा है कि जो लोग कोविड-19 से संक्रमित होते हैं उनमें कई लक्षण दिखते हैं. ये लक्षण हल्के-फुल्के से लेकर गंभीर बीमारी के रूप में सामने आ सकते हैं. ये लक्षण शरीर में वायरस के प्रवेश के 2 से 14 दिनों के भीतर दिख सकते हैं. कई बार तो ये लक्षण इतने हल्के होते हैं कि इंसान समझ ही नहीं पाता कि उसे कोई बीमारी है. Also Read - लॉकडाउन से इस कदर परेशान हुए एक्टर Vijay Varma, घर ले आए नई बीवी!

CDC के मुताबिक इस बीमारी का एक अहम लक्षण बेहद तेज ठंड लगना हो सकता है. इसमें कहा गया है कि मांसपेशियों में दर्द, सिर दर्द और स्वाद या गंद महसूस न होना भी इसका लक्षण है. Also Read - Oxygen issue : बीजेपी ने पूछा, दिल्‍ली सरकार क्‍यों सोचती हैं कि केंद्र भेदभाव कर रहा है?

अभी तक विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी वेबसाइट पर इन लक्षणों का जिक्र नहीं किया है. डब्ल्यूएचओ ने अपनी वेबसाइट पर Covid-19 के जो लक्षण बताएं वो इस प्रकार हैं- बुखार, सूखी खांसी, थकान, दर्द, नाक बंद, गले में खरास और डायरिया. सीडीस और डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट पर जिन कॉमन लक्षणों की बात की जा रही है उसने बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, दम फूलना शामिल है.

वैसे CDC ने आगे कहा है कि कोरोना के लक्षण को लेकर अभी तक स्पष्ट तौर पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है. ऊपर बताए गए लक्षणों के इतर भी किसी व्यक्ति में कोई लक्षण दिख सकता है और वह कोरोना पॉजिटिव हो सकता है. ऐसे में आपको कोई भी गंभीर आंतरिक तकलीफ महसूस हो तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें.

दरअसल, पिछले साल दिसंबर के अंतिम सप्ताह में चीन के वुहान शहर में कोरोना का पहला मामला सामने आया था. इसके बाद से ही दुनिया के तमाम वैज्ञानिक इस वायरस के कैरेक्टेरिस्टिक्स (characteristics) के बारे में स्टडी कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इस बारे में पूरी तरह से मुकम्मल बात नहीं कही जा सकती.