Covid 19 Vaccine: कोविड -19 के खिलाफ टीकाकरण कैंसर के रोगियों में प्रभावी है. कैंसर के मरीज बिना किसी संशय के टीका लगवा सकते हैं. ये बात यूरोपियन सोसाइटी फॉर मेडिकल ऑन्कोलॉजी के वार्षिक सम्मेलन में प्रस्तुत अध्ययनों में सामने आई है.Also Read - Covid 19 Vaccination: 100 करोड़ के पार पहुंचा टीकाकरण अभियान, 1 दिन में 18,454 लोग हुए संक्रमित

दरअसल, कैंसर रोगियों की प्रतिरक्षा प्रणाली विभिन्न कैंसर विरोधी दवाओं के कारण कमजोर हो जाती है. इसलिए ये नतीजे कई मायनों में खास हैं. Also Read - काम की खबर: Whatsapp से भी डाउनलोड कर सकते हैं COVID 19 वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट, जानें कैसे?

शोध से ये भी पता चला है कि तीसरा बूस्टर शॉट इस रोग से आबादी की सुरक्षा काफी बेहतर तरीके से कर सकता है. Also Read - Covid-19 Risk: गर्भावस्था में हो जाए कोविड तो बढ़ता है ये खतरा, शोध में सामने आईं अहम बातें

वीओआईसीई नाम के एक अध्ययन से पता चला है कि कैंसर के मरीज जिन्होंने कोविड जैब लिया था, उन्हें मौजूदा ऑन्कोलॉजी उपचार की परवाह किए बिना सुरक्षित रखा गया था.

इस अध्ययन ने नीदरलैंड के कई अस्पतालों के 791 रोगियों को चार अलग-अलग अध्ययन समूहों में नामांकित किया. इनमें कैंसर के बिना व्यक्ति, इम्यूनोथेरेपी के साथ इलाज किए गए कैंसर के रोगी, कीमोथेरेपी के साथ इलाज किए गए रोगियों और अंत में एक कीमो-इम्यूनोथेरेपी संयोजन के साथ इलाज किए गए रोगियों को शामिल किया गया था.

इटली के मिलान में यूरोपियन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑन्कोलॉजी में फेफड़े के कैंसर विशेषज्ञ डॉ एंटोनियो पासारो के अनुसार, ये परिणाम कैंसर के बिना व्यक्तियों के समूह के लगभग सभी (99.6 प्रतिशत) में देखी गई एंटीबॉडी प्रतिक्रियाओं के साथ अनुकूल रूप से तुलना करते हैं.

उन्होंने कहा कि परीक्षण आबादी में देखे गए टीके की प्रभावकारिता की उच्च दर, कैंसर विरोधी उपचार के प्रकार की परवाह किए बिना, रोगियों और उनके डॉक्टरों के लिए एक मजबूत और आश्वस्त करने वाला संदेश है.

इसी तरह के परिणाम इजराइल में कैंसर के 232 रोगियों और 261 नियंत्रण विषयों के बीच टोजि़नामेरन (फाइजर-बायोएनटेक) के प्रभावों पर किए गए एक अन्य अध्ययन में पाए गए. कैंसर से पीड़ित एक तिहाई से भी कम (29 प्रतिशत) ने पहली खुराक प्राप्त करने के बाद एंटीबॉडी विकसित की. जबकि नियंत्रण समूह में 84 प्रतिशत की तुलना में, दूसरी खुराक के प्रशासन के बाद यह अनुपात बढ़कर 86 प्रतिशत हो गया था.

उपरोक्त दोनों अध्ययनों ने वायरस के खिलाफ पर्याप्त सुरक्षात्मक एंटीबॉडी विकसित करने के लिए कैंसर के रोगियों के लिए कोविड वैक्स का दूसरा शॉट लेने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला है कि 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों पर एक बूस्टर शॉट, उनके टीकाकरण चक्र को पूरा करने के पांच महीने बाद, कोविड -19 और गंभीर बीमारी की घटनाओं को कम करता है.

डॉ लुइस कैस्टेलो ने कहा कि ये निष्कर्ष कैंसर के रोगियों को उनकी सुरक्षा में सुधार करने के लिए संभावित रूप से तीसरी बूस्टर खुराक सहित पूरे चक्र की पेशकश के सिद्धांत को अतिरिक्त समर्थन देते हैं. इससे पता चलता है कि उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली अतिरिक्त उत्तेजना का जवाब देगी.
(एजेंसी से इनपुट)