नई दिल्ली: अगर आप दिल्ली में कार से यात्रा करते हैं तो यूरोप और अमेरिका की तुलना में पांच गुना अधिक ब्लैक कार्बन की जद में हैं. ये बात एक नए शोध से सामने आई है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, एशिया के विकासशील देशों में समय पूर्व मौतों के 88 प्रतिशत मामलों के लिए वायु प्रदूषण जिम्मेदार है.

Delhi Air Pollution

इसमें कहा गया है कि बीजिंग में साल 2000 में वाहनों की संख्या 15 लाख थी, जो 2014 में बढ़कर 50 लाख से अधिक हो गई. वहीं दिल्ली में 2010 में वाहनों की संख्या 47 लाख थी जिसके 2030 में दो करोड़ 56 लाख पर पहुंचने का अनुमान है.

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एटमॉस्फियरिक इन्वॉयरमेंट जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने एशियाई परिवहन माध्यमों (पैदल चलने, कार चलाने, मोटसाइकिल चलाने तथा बस में यात्रा) में सघनता के स्तरों तथा प्रदूषण के खतरे का अध्ययन किया.

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इस अध्ययन में सामने आया कि एशियाई देशों में भीड़-भाड़ वाली सड़कों पर पैदल चलने वाले लोग यूरोप और अमेरिकी देशों के लोगों की तुलना में 1.6 गुना अधिक महीन कणों की जद में होते हैं. वहीं, एशिया में कार चलाने वाले यूरोप और अमेरिका के लोगों की तुलना में नौ गुना अधिक प्रदूषण की जद में होते हैं.
(एजेंसी से इनपुट)

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