ब्रेन हेमरेज और ब्रेन स्ट्रोक में क्या है फर्क? कैसे पहचानें इन दोनों के लक्षण?

Brain Hemorrhage Vs Brain Stroke: ब्रेन हेमरेज और ब्रेन स्ट्रोक में बड़ा अंतर होता है, लेकिन लोग इन दोनों समस्याओं को एक समझ लेते हैं. आइए जानते हैं इनके लक्षणों के बारे में, जिससे इनके बीच का फर्क पहचान सकेंगे.

Published date india.com Published: December 14, 2025 6:42 PM IST
ब्रेन हेमरेज और ब्रेन स्ट्रोक में क्या है फर्क? कैसे पहचानें इन दोनों के लक्षण?

Difference Between Brain Hemorrhage and Stroke: ब्रेन स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज दोनों दिमाग से जुड़ी गंभीर समस्याएं हैं, लेकिन इनमें बड़ा अंतर है. ब्रेन स्ट्रोक एक सामान्य नाम है, जो दिमाग में खून की सप्लाई रुकने या कम होने से होता है. यह दो प्रकार का होता है, इस्केमिक स्ट्रोक (सबसे आम, लगभग 85%) और हेमरेजिक स्ट्रोक.

ब्रेन स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज में फर्क

इस्केमिक स्ट्रोक में दिमाग की नस में खून का थक्का जम जाता है, जिससे खून पहुंचना बंद हो जाता है. दिमाग की कोशिकाएं ऑक्सीजन नहीं पाती और मर जाती हैं. वहीं, ब्रेन हेमरेज (जिसे हेमरेजिक स्ट्रोक भी कहते हैं) में दिमाग की नस फट जाती है और खून दिमाग में फैल जाता है. इससे दिमाग पर दबाव पड़ता है और आसपास की कोशिकाएं खराब हो जाती हैं. हेमरेज आमतौर पर हाई ब्लड प्रेशर से होता है. सरल शब्दों में, स्ट्रोक ज्यादातर ‘ब्लॉकेज’ से होता है, जबकि हेमरेज ‘फटने और ब्लीडिंग’ से.

दोनों के लक्षण क्या हैं?

दोनों की स्थिति में लक्षण अचानक आते हैं और काफी मिलते-जुलते हैं, लेकिन कुछ अंतर भी हैं. आम लक्षणों को याद रखने का आसान तरीका है- चेहरा टेढ़ा हो जाना, एक तरफ मुस्कुराने में दिक्कत.

  • A (आर्म): हाथ या पैर में कमजोरी, एक तरफ का हाथ उठाने में समस्या.
  • S (स्पीच): बोलने में दिक्कत, शब्द लड़खड़ाना या समझ न आना.
  • T (टाइम): तुरंत अस्पताल जाएं, समय बहुत कीमती है.

ब्रेन स्ट्रोक (इस्केमिक) के लक्षण: शरीर के एक तरफ सुन्नपन, कमजोरी, चलने में दिक्कत, चक्कर आना, नजर की समस्या. सिरदर्द हो सकता है, लेकिन हल्का.

ब्रेन हेमरेज के लक्षण: ऊपर वाले लक्षणों के साथ बहुत तेज सिरदर्द (जैसे अब तक का सबसे बुरा दर्द), उल्टी आना, बेहोशी, दौरा पड़ना या गर्दन में अकड़न. यह ज्यादा तेजी से बिगड़ता है.

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कैसे पहचानें और क्या करें?

इन दोनों ही स्थितियों में लक्षण दिखते ही देर न करें. दोनों ही इमरजेंसी हैं. अस्पताल में सीटी स्कैन से पता चलता है कि कौन सा प्रकार है. इस्केमिक में थक्का घोलने की दवा दी जाती है, जबकि हेमरेज में ब्लीडिंग रोकने और दबाव कम करने का इलाज. समय पर पहुंचें तो जान बच सकती है. हाई बीपी, धूम्रपान, मोटापा से बचें तो इनका खतरा कम होता है.

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इसे केवल सुझाव के तौर पर लें. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. (Images: Pinterest)

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