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दीपिका कक्कड़ जिस बीमारी से जूझ रहीं, वो कितनी खतरनाक है? जानिए लिवर ट्यूमर के लक्षण और कारण

बेथ इजराइल डेकोनेस मेडिकल सेंटर के मुताबिक, लिवर हमारे शरीर का सबसे बड़ा अंदरूनी अंग है. लिवर में जब कोई गांठ या असामान्य बढ़ोतरी होती है, तो उसे लिवर ट्यूमर या हेपेटिक ट्यूमर कहा जाता है.

Written by: Shweta Bajpai Edited by: Shweta Bajpai
Published: May 20, 2025, 10:28 AM IST

टीवी की मशहूर एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ इब्राहिम के लिवर ट्यूमर से जूझने की खबर ने उनके चाहने वालों को चिंता में डाल दिया है. हमेशा मुस्कुराने वाली दीपिका ने लोगों के दिलों में खास जगह बनाई है. अब जब वह इस मुश्किल घड़ी से गुजर रही हैं, तो उनके फैंस और करीबियों की दुआएं उनके साथ हैं.

इस बीच उनका एक नया वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में दीपिका पहले व्हीलचेयर पर दिख रही हैं और फिर वह अस्पताल के बिस्तर पर नजर आ रही हैं. शोएब और दीपिका की मां उन्हें दिलासा देते दिखाई दे रहे हैं. एक्ट्रेस को लिवर ट्यूमर होने की खबर के बाद से लोग यह जानना चाह रहे हैं कि यह बीमारी क्या है, इसके लक्षण क्या होते हैं और इसका इलाज कैसे होता है.

  • क्या है ये बीमारी?

बेथ इजराइल डेकोनेस मेडिकल सेंटर के मुताबिक, लिवर हमारे शरीर का सबसे बड़ा अंदरूनी अंग है. लिवर में जब कोई गांठ या असामान्य बढ़ोतरी होती है, तो उसे लिवर ट्यूमर या हेपेटिक ट्यूमर कहा जाता है. ये दो तरह के होते हैं: बिनाइन ट्यूमर, जो कैंसर नहीं होता, लेकिन अगर बहुत बड़ा हो जाए तो शरीर में तकलीफ पैदा कर सकता है और मैलिग्नेंट ट्यूमर, घातक कैंसर होता है, जो आसपास के अंगों में फैल सकता है या शरीर के दूसरे हिस्सों तक जा सकता है.

लिवर ट्यूमर होने पर शरीर में कुछ खास लक्षण दिखाई दे सकते हैं. ये लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं और शुरुआत में हल्के भी हो सकते हैं. ऊपरी पेट में दर्द, खासकर पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में, रह सकता है. बार-बार उल्टी आने या जी मिचलाने की समस्या हो सकती है. पेट भारी लग सकता है या उसमें सूजन आ सकती है. त्वचा और आंखों का रंग पीला पड़ सकता है। शौच का रंग सफेद या मिट्टी जैसा दिख सकता है. बिन वजह अचानक वजन कम हो सकता है. भूख कम लगना और हर समय थका-थका या कमजोरी महसूस करना आदि इसके लक्षण हैं.

  • इन बातों पर दें ध्यान-

लिवर ट्यूमर का इलाज बीमारी की स्टेज, प्रकार और मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है. अगर ट्यूमर छोटा है और लिवर ठीक से काम कर रहा है, तो सर्जरी से ट्यूमर को हटाया जा सकता है. कुछ मामलों में लिवर ट्रांसप्लांट भी किया जाता है. साइबरनाइफ जैसी मशीन से रेडिएशन देकर ट्यूमर को हटाया जाता है. कीमोएंबोलाइजेशन और रेडियोएंबोलाइजेशन तकनीकों से कैंसर कोशिकाओं को सीधे निशाना बनाया जाता है. अब नया तरीका कीमोथेरेपी भी मौजूद है. अगर कैंसर शरीर के किसी और हिस्से से लिवर में फैला है, तो उसका भी इलाज किया जाता है.

input-आईएएनएस

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