नई दिल्ली: सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों ने एक दुर्लभ ऑपरेशन में इराक की एक 66 वर्षीय महिला के गले में लार नली (थूक की नली) व ग्रंथि में मौजूद 53 पथरी निकाली.

अस्पताल के अनुसार सितंबर के आखिरी सप्ताह में यह ऑपरेशन किया गया. इस दौरान शरीर में बिना किसी कट के बास्केट और फोरसेप्स का उपयोग करके पत्थरों को एक-एक करके हटाया गया. इस पूरी प्रक्रिया में दो घंटे लगे और अंत में 53 पत्थर निकाले गए. महिला भोजन या पेय के बाद पैरोटिड ग्रंथि के बार-बार होने वाले दर्द और सूजन से पीड़ित थी.

अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि बाद में पता चला कि मरीज के दाएं तरफ पैरोटिड नली में कई पत्थर हैं और सबसे बड़ा पत्थर लगभग 8 मि. मी. आकार का है, जो नली के बीच में अटका हुआ है. बयान में कहा गया है कि अपने देश और आसपास के अधिकांश डॉक्टरों ने पेरोटिड ग्रंथि को हटाने की एक प्रक्रिया का सुझाव दिया जो चेहरे पर एक भद्दा निशान छोड़ देता और उसके चेहरे को लकवाग्रस्त कर देता. वह सियालेंडोस्कोपी नामक एक प्रक्रिया के बारे में सुनकर भारत आई थी, जहां सिर्फ 1.3 मि. मी. माप वाला एक छोटा एंडोस्कोप पैरोटिड ग्रंथि में डाला जाता है और रुकावट का कारण पता किया जाता है.

सर गंगा राम अस्पताल के ईएनटी सलाहकार वरुण राय के अनुसार सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि ग्रंथि या 3 मि. मी. चौड़ी नलिका पर कोई चोट लगे बिना सभी पत्थरों को हटा दिया जाए. सर्जरी के बाद मरीज को घर भेज दिया गया है. डॉक्टर दावा कर रहे हैं कि वह पूरी तरह से ठीक हो गई है और उसे अपनी पसंद का भोजन करने की अनुमति भी दी गई है.