Mess up your sleep schedule: जब से लॉकडाउन लागू हुआ है, क्या आपने अपने स्लीप शेड्यूल में बदलाव और इसके प्रभाव को देखा है? लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह अब बहुत से लोगों के साथ हो रहा है और इसके कई कारण हो सकते हैं. लो लेवल की फिजिकल एक्टिविटी से लेकर घर के कामकाज के समय में बदलाव, वर्क फ्रॉम होम के कारण ऑफिस के लिए काम करने की टाइमिंग का बढ़ना जैसे अनिश्चित प्रभाव कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन में देखने को मिल रही है. Also Read - Centre vs Delhi Govt ON Vaccine: डिप्‍टी CM सिसोदिया बोले- दिल्‍ली में 100 वैक्‍सीनेशन सेंटर बंद करने पड़े

इंदिरापुरम निवासी एक एंटरप्रेन्योर बताते हैं कि उन्होंने तीन सप्ताह से अच्छी नींद नहीं ली हैं. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बाद से शायद ही कोई काम करता हूं, और मुझे थकान और नींद नहीं आती है.  इसलिए, मैंने लॉकडाउन के पहले सप्ताह के बाद ही ऑनलाइन द्विभाषी-वॉचिंग शो  शुरू किए हैं और उनका कहना है कि वह केवल सूर्योदय के बाद सोए हैं. 26 वर्षीय खिलन कहते हैं कि मैंने इंस्टाग्राम पर इस बारे में मीम शेयर किया हूं और मुझे पता चला है कि मेरे अधिकांश दोस्त एक जैसे ही समस्या का सामना कर रहे हैं. Also Read - Corona Pandemic: कब खत्‍म होगी Covid19 महामारी? सुप्रसिद्ध वायरोलॉज‍ि‍स्‍ट ने दिया ये जवाब

वहीं साकेत निवासी एक महिला बताती हैं कि घर से काम करने की वजह से उनके स्लीप शेड्यूल खत्म सा हो गया है. उन्होंने कहा, “पहले, मैं सुबह 10 बजे काम पर जाने के लिए सुबह 8 बजे उठती थी. अब, जल्दी जागने की टेंशन नहीं है, और जब मैं सोकर उठती हूं तो घर से भी दोपहर के समय काम करना शुरू कर देती हूं.” गुड़गांव में काम करने वाली 28 वर्षीय मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव का कहना कि कोरोना वायरस से जुड़ी खबरों के बारे में ज्यादा सोचने से उनकी रातों की नींद हराम हो रही है. Also Read - COVID-19: कोरोना की दूसरी लहर के बीच भारत में घटी तेल की मांग, रिफाइनर्स ने प्रोसेसिंग रन में की कटौती

लॉकडाउन में नींद नहीं आ रही है? ऐसा क्यों

लो एक्टिविटी लेवल.
घर से काम करते हुए ऑफिस के टाइमिंग और नौकरी के पेस में बदलाव.
कोरोना वायरस से संबंधित न्यूज के कारण स्ट्रेस का बढ़ना.
शराब का सेवन करने से देर रात तक फिल्म देखना और सोशल मीडिया से देर तक जुड़ा रहना.
वित्तीय अस्थिरता और नौकरी की सुरक्षा के बारे में चिंता करना.

डिस्टर्बबॉडी शरीर में बढ़ाता है सुस्ती 

विशेषज्ञों के अनुसार यदि आप देर से सोते हैं और नियमित रूप से देर से जागते हैं, तो आपके शरीर की एक्टिविटी गड़बड़ा जाएगी, जिससे आप दिन भर सुस्त रहेंगे. अगर आप 10 घंटे या छह घंटे सोते हैं तो कोई बात नहीं. यदि आप देर से सो रहे हैं, तो आपकी बॉडी क्लॉक अंततः गड़बड़ हो जाएगी, यही वजह है कि व्यक्ति को समय पर सोने की आवश्यकता होती है. विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर आपकी बॉडी क्लॉक गड़बड़ा जाए तो क्या-क्या चीजें हो सकती है.

आप सुस्त हो सकते हैं.
आप कैफीन युक्त पेय पदार्थों के आदी हो जाएंगे. इसके बाद डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाएंगे.
आपका प्रोडक्टिविटी लेवल प्रभावित हो सकता है.
आप तुरंत चिड़चिड़े हो सकते हैं या शॉर्ट टेम्पर हो सकते हैं.