जिनेवा: प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए एक ऐसी दवा के बारे मेंं WHO  नेे बताया हैै, जिसकी मदद से डिलीवरी के बाद ज्यादा रक्तस्राव नहीं होगा. Also Read - WHO की एक्‍सपर्ट टीम COVID-19 वायरस की उत्‍पत्ति का पता लगाने चीन के वुहान शहर में पहुंची

दरअसल, कार्बेटोसिन नामक दवा का नया फार्मूला प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव को रोकने के लिए प्रभावी व सुरक्षित है. ये हजारों महिलाओं के जीवन को बचा सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के 10 देशों में किए गए परीक्षण में ये बात सामने आई है. इन देशों में भारत भी शामिल है. Also Read - भारत में कोरोना के टीकाकरण से पहले WHO की चेतावनी- दूसरा साल हो सकता है और कठिन

अभी WHO बच्चे के जन्म के बाद अत्यधिक रक्तस्राव को रोकने के लिए पहली पसंद के तौर पर ऑक्सीटोसिन नामक दवा की सिफारिश करता है. Also Read - Real Heroes: बर्फ में फंसी थी गर्भवती महिला, सेना के जवानों ने ऐसे बचाई जान, देश कर रहा सलाम...

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हालांकि, ऑक्सीटोसिन को दो से आठ डिग्री सेल्सियस पर स्टोर किया जाना चाहिए और इसी तापमान पर एक जगह से दूसरी जगह ले जाना चाहिए. पर, चिंता की बात ये है कि ऐसा करना बहुत से देशों में मुश्किल है. इससे कई महिलाओं तक ये जीवनरक्षक दवा नहीं पहुंच पाती है. अगर यह दवा गर्मी के संपर्क में आती है तो बहुत कम प्रभावी हो जाती है.

शोध का प्रकाशन न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में किया गया है. इससे पता चलता है कि कार्बेटोसिन के गर्मी रोधी फार्मूले से ऑक्सीटोसिन की तरह प्रसव के बाद रक्तस्राव को रोकने में सुरक्षित है.

कार्बेटोसिन के नए फार्मूले को ठंडा रखने की जरूरत नहीं होती और इसका प्रभाव कम से कम तीन साल तक 30 डिग्री सेल्सियस के साथ बरकरार रहता है.
WHO के महानिदेशक टेडरोस एडहानोम गेबेरियस ने कहा, ‘वास्तव में यह एक नया प्रोत्साहित करने वाला घटनाक्रम है, जो हमारी माताओं व बच्चों को जिंदा रखने में हमारी क्षमता को क्रांतिकारी बना सकता है’.
(एजेंसी से इनपुट)