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क्या वक्त से पहले जवान हो रहा है आपका बच्चा? तो Early Puberty के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
लड़की या लड़के के शरीर में समय से पहले होने वाले बदलाव यानी जवान होने के लक्षण दिखाई देते हैं, जिसे अर्ली प्यूबर्टी कहा जाता है. ऐसे में इसके बारे में जानना बेहद जरूरी है.
Early Puberty Symptoms: आजकल कई माता-पिता को चिंता रहती है कि उनका बेटा या बेटी समय से पहले जवान हो रहा है. इसे अर्ली प्यूबर्टी कहा जाता है. इस दौरान लड़के या लड़की में समय से पहले जवान होने के लक्षण नजर आते हैं. इससे शरीर के कई हिस्से में बदलाव होना शुरू हो जाता जाता है. ऐसे में इसके बारे में जानना बेहद जरूरी है.
कब होती है प्यूबर्टी की शुरुआत?
प्यूबर्टी किसी भी लड़की या लड़के के जीवन का वह समय होता है, जब उनके शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं. आमतौर पर लड़कियों में 8 से 13 साल के बीच और लड़कों में 9 से 14 साल के बीच प्यूबर्टी की शुरुआत होती है. लेकिन कई बार बच्चों में इस उम्र से पहले ही प्यूबर्टी शुरू हो जाती है, जिसे प्रीकोशियस प्यूबर्टी या असामयिक प्यूबर्टी भी कहा जाता है.
अर्ली प्यूबर्टी के लक्षण
लड़कियों में अर्ली प्यूबर्टी के लक्षण
- स्तनों का विकास
- 10 साल से पहले पीरियड्स आना
- अंडरआर्म या प्यूबिक हेयर ग्रोथ
- पिंपल्स होना
- त्वचा का तैलीय होना
- पिंपल्स होना
लड़कों में अर्ली प्यूबर्टी के लक्षण
- टेस्टिकल्स और पेनिस के आकार का बढ़ना
- चेहरे पर पिंपल्स होना
- दाढ़ी आना
- आवाज में बदलाव
- अंडरआर्म्स में हेयर ग्रोथ
- आवाज का भारी होना
अर्ली प्यूबर्टी के कारण
- बच्चों का एंडोक्राइन केमिकल के संपर्क में आने से अर्ली प्यूबर्टी की संभावना काफी हद तक बढ़ सकती है. एंडोक्राइन एक ऐसा केमिकल है, जो फूड पैकेजिंग, शैंपू, प्लास्टिक की बोतल, लोशन जैसे प्रोडक्ट्स में पाया जाता है. इनका इस्तेमाल करने से बॉडी में केमिकल की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे बच्चे अर्ली प्यूबर्टी का शिकार हो सकते हैं. यह केमिकल हार्मोनल प्रोसेस के साथ प्यूबर्टी की शुरुआत कर सकता है.
- इसके अलावा नींद की कमी होने से भी अर्ली प्यूबर्टी के लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जिसके कारण बॉडी में हार्मोन अनबैलेंस हो जाता है और अर्ली प्यूबर्टी की शुरुआत होने लगती है. ऐसे में अच्छी नींद लेना बेहद जरूरी है, जिससे हार्मोनल सिस्टम को रेगुलेट करने में मदद मिलती है.
- खराब खानपान के कारण बच्चों का फैट तेजी से बढ़ता है. इससे एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है, जिससे लड़कियों में प्यूबर्टी की शुरुआत ज्यादा देखने को मिलती है.
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी को प्रदान करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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