Premanand Ji Maharaj की तरह कहीं न हो जाए देर! किडनी की बीमारी के ये 9 संकेत तुरंत पहचानें

किडनी की बीमारी धीरे-धीरे शरीर को भीतर से कमजोर कर देती है. चेहरा सूजना, पैरों में भारीपन या पेशाब में बदलाव जैसे लक्षण इस खतरे का शुरुआती संकेत हो सकते हैं. समय रहते अगर इन 9 लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो बड़ी मुश्किल से बचा जा सकता है.

Published date india.com Published: October 16, 2025 9:01 AM IST
Premanand Ji Maharaj की तरह कहीं न हो जाए देर! किडनी की बीमारी के ये 9 संकेत तुरंत पहचानें

किडनी हमारे शरीर का बेहद अहम अंग है, जो खून को फिल्टर कर अपशिष्ट पदार्थ और अतिरिक्त पानी को शरीर से बाहर निकालती है, लेकिन जब यह अंग खुद बीमार हो जाए, तो शरीर की कई क्रियाएं प्रभावित होने लगती हैं. हाल ही में Premanand Ji Maharaj की किडनी संबंधी बीमारी ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि किडनी की समस्याओं को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है.

डॉ. श्री राम काबरा ने बताया कि (निदेशक – नेफ्रोलॉजी और किडनी विभाग, मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स फरीदाबाद) किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों में से एक है पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (Polycystic Kidney Disease – PKD).यह एक जेनेटिक यानी आनुवांशिक रोग है, जो परिवार के अन्य सदस्यों में भी पाया जा सकता है. इस बीमारी में किडनी के अंदर कई छोटे-छोटे पानी से भरे फफोले (सिस्ट) बनने लगते हैं. समय के साथ ये सिस्ट बढ़ते जाते हैं, जिससे किडनी का आकार बड़ा हो जाता है और उसकी सामान्य कार्यक्षमता घटने लगती है.

पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज के मुख्य प्रकार-

1. ऑटोसोमल डॉमिनेंट पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (ADPKD)–

यह प्रकार आमतौर पर वयस्कों में पाया जाता है. इसके लक्षण 30 से 40 वर्ष की आयु के बाद दिखने लगते हैं. यह अक्सर माता-पिता से बच्चों में एक जीन के माध्यम से ट्रांसफर होता है.

2. ऑटोसोमल रिसेसिव पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (ARPKD)–

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

यह बीमारी बच्चों या नवजात शिशुओं में होती है और अधिक गंभीर मानी जाती है क्योंकि यह जीवन के शुरुआती वर्षों में ही किडनी को प्रभावित कर सकती है.

3. लंबे समय से चल रहे किडनी फेल्योर में भी सिस्ट बन सकते हैं

4. कुछ मामलों में किडनी सिस्ट कैंसरस (Cancerous) भी हो सकते हैं.

किडनी की बीमारी के 9 खतरनाक लक्षण जो नजरअंदाज नहीं करने चाहिए-

  • 1. चेहरे या आंखों के नीचे सूजन (Facial Puffiness) – सुबह उठने पर चेहरे या पलकों का सूजा होना किडनी फेल्योर का शुरुआती संकेत हो सकता है
  • 2. पेट या पीठ में लगातार दर्द – यह सिस्ट के बढ़ने या संक्रमण का संकेत देता है
  • 3. मूत्र में खून आना (Hematuria) – किडनी के सिस्ट फटने या ब्लीडिंग की वजह से होता है
  • 4. बार-बार पेशाब लगना, विशेषकर रात में (Frequent Urination)– यह किडनी की फ़िल्टरिंग क्षमता कम होने का संकेत है
  • 5. हाई ब्लड प्रेशर (High BP)– यह पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज का एक प्रमुख और खतरनाक लक्षण है
  • 6. पेशाब में झाग या बदबू – यह प्रोटीन लीक होने या संक्रमण का संकेत हो सकता है
  • 7. थकान और कमजोरी (Fatigue) – शरीर में टॉक्सिन जमा होने और खून की कमी से व्यक्ति जल्दी थक जाता है
  • 8. सांस फूलना या मिचली आना – शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने से यह लक्षण उभरते हैं
  • 9. एनीमिया (खून की कमी) – किडनी से ‘Erythropoietin’ हार्मोन का कम उत्पादन होने से लाल रक्त कोशिकाएं घट जाती हैं

इलाज और जरूरी सावधानियां-

  • नियमित किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) और ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग कराते रहें
  • ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि यह बीमारी को बढ़ा सकता है
  • संतुलित आहार लें — नमक, रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड से बचें
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार पानी की मात्रा नियंत्रित करें
  • डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह को नजरअंदाज न करें
  • परिवार में अगर किसी को यह बीमारी है, तो अन्य सदस्यों की भी जांच जरूर कराएं

डॉ. श्री राम काबरा कहते हैं पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज का समय पर पता चल जाए तो मरीज पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकता है, लेकिन लक्षणों को नज़रअंदाज करने से यह बीमारी किडनी फेल्योर का रूप ले सकती है. समय पर निदान, दवाओं का पालन और जीवनशैली में सुधार इस बीमारी से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं. Premanand Ji Maharaj की बीमारी ने यह साफ कर दिया है कि किडनी से जुड़ी तकलीफ़ें चुपचाप बढ़ती हैं, लेकिन परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं.

चेहरे पर सूजन, पेशाब में बदलाव या लगातार थकान. ये सभी संकेत इस बात की चेतावनी हैं कि आपकी किडनी मदद के लिए पुकार रही है.अगर समय रहते सही जांच और इलाज शुरू कर दिया जाए, तो पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज के मरीज भी लंबा, स्वस्थ और सामान्य जीवन जी सकते हैं.

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Health की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.