
Shweta Bajpai
नमस्कार, मैं श्वेता बाजपेई, वर्तमान में India.com हिंदी में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हूं. हिंदी पत्रकारिता में लगभग 10 वर्षों के अनुभव के दौरान मैंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एंटरटेनमेंट ... और पढ़ें
किडनी हमारे शरीर का बेहद अहम अंग है, जो खून को फिल्टर कर अपशिष्ट पदार्थ और अतिरिक्त पानी को शरीर से बाहर निकालती है, लेकिन जब यह अंग खुद बीमार हो जाए, तो शरीर की कई क्रियाएं प्रभावित होने लगती हैं. हाल ही में Premanand Ji Maharaj की किडनी संबंधी बीमारी ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि किडनी की समस्याओं को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है.
डॉ. श्री राम काबरा ने बताया कि (निदेशक – नेफ्रोलॉजी और किडनी विभाग, मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स फरीदाबाद) किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों में से एक है पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (Polycystic Kidney Disease – PKD).यह एक जेनेटिक यानी आनुवांशिक रोग है, जो परिवार के अन्य सदस्यों में भी पाया जा सकता है. इस बीमारी में किडनी के अंदर कई छोटे-छोटे पानी से भरे फफोले (सिस्ट) बनने लगते हैं. समय के साथ ये सिस्ट बढ़ते जाते हैं, जिससे किडनी का आकार बड़ा हो जाता है और उसकी सामान्य कार्यक्षमता घटने लगती है.
पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज के मुख्य प्रकार-
1. ऑटोसोमल डॉमिनेंट पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (ADPKD)–
यह प्रकार आमतौर पर वयस्कों में पाया जाता है. इसके लक्षण 30 से 40 वर्ष की आयु के बाद दिखने लगते हैं. यह अक्सर माता-पिता से बच्चों में एक जीन के माध्यम से ट्रांसफर होता है.
2. ऑटोसोमल रिसेसिव पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (ARPKD)–
यह बीमारी बच्चों या नवजात शिशुओं में होती है और अधिक गंभीर मानी जाती है क्योंकि यह जीवन के शुरुआती वर्षों में ही किडनी को प्रभावित कर सकती है.
3. लंबे समय से चल रहे किडनी फेल्योर में भी सिस्ट बन सकते हैं
4. कुछ मामलों में किडनी सिस्ट कैंसरस (Cancerous) भी हो सकते हैं.
किडनी की बीमारी के 9 खतरनाक लक्षण जो नजरअंदाज नहीं करने चाहिए-
इलाज और जरूरी सावधानियां-
डॉ. श्री राम काबरा कहते हैं पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज का समय पर पता चल जाए तो मरीज पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकता है, लेकिन लक्षणों को नज़रअंदाज करने से यह बीमारी किडनी फेल्योर का रूप ले सकती है. समय पर निदान, दवाओं का पालन और जीवनशैली में सुधार इस बीमारी से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं. Premanand Ji Maharaj की बीमारी ने यह साफ कर दिया है कि किडनी से जुड़ी तकलीफ़ें चुपचाप बढ़ती हैं, लेकिन परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं.
चेहरे पर सूजन, पेशाब में बदलाव या लगातार थकान. ये सभी संकेत इस बात की चेतावनी हैं कि आपकी किडनी मदद के लिए पुकार रही है.अगर समय रहते सही जांच और इलाज शुरू कर दिया जाए, तो पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज के मरीज भी लंबा, स्वस्थ और सामान्य जीवन जी सकते हैं.
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