क्या होते हैं माइग्रेन के लक्षण? कब डॉक्टर को दिखाना हो जाता है जरूरी?

Symptoms of Migraine: माइग्रेन की समस्या बहुत गंभीर होती है. इसका दर्द असहनीय होता है और धीरे धीरे बढ़ता जाता है. घंटों तक ध्यान ना देने पर आपको काफी ज्यादा समस्या हो सकती है. इन खास स्थितियों पर आपको डॉक्टर से जरूर संपर्क कर लेना चाहिए.

Published date india.com Published: December 16, 2025 6:07 PM IST
Migraine Headache Ke Lakshan
Migraine Headache Ke Lakshan

Migraine Headache Ke Lakshan: माइग्रेन एक आम लेकिन गंभीर सिरदर्द की समस्या है. यह सामान्य सिरदर्द से अलग होता है. इसमें सिर के एक तरफ या दोनों तरफ धड़कन जैसा तेज दर्द होता है. यह दर्द कुछ घंटों से लेकर कई दिनों तक रह सकता है. माइग्रेन से लाखों लोग प्रभावित हैं, खासकर महिलाएं. यह दर्द रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना देता है.

माइग्रेन के मुख्य लक्षण

माइग्रेन के लक्षण चार चरणों में दिख सकते हैं, लेकिन हर व्यक्ति में सभी चरण नहीं होते.

  • सबसे पहले प्रोड्रोम चरण आता है. इसमें दर्द शुरू होने से कुछ घंटे या दिन पहले संकेत मिलते हैं. जैसे थकान महसूस होना, चिड़चिड़ापन, भूख ज्यादा लगना या कम लगना, गर्दन में अकड़न.
  • दूसरा, ऑरा चरण है, जो कुछ लोगों में होता है. इसमें आंखों के सामने चमकती रोशनी, टेढ़ी-मेढ़ी लाइनें या काले धब्बे दिखना. हाथ-पैर में झुनझुनी या सुन्न होना. बोलने में दिक्कत या चक्कर आना. यह लक्षण 20-60 मिनट तक रहते हैं.
  • तीसरा दर्द का चरण मुख्य है. सिर में तेज धड़कन वाला दर्द, अक्सर एक तरफ. जी मिचलाना, उल्टी आना. तेज रोशनी, आवाज या गंध से परेशानी बढ़ना. चलने-फिरने से दर्द और बिगड़ना. व्यक्ति अंधेरे कमरे में आराम करना चाहता है.
  • आखिरी पोस्टड्रोम चरण में दर्द खत्म होने के बाद थकावट, कमजोरी या सुस्ती महसूस होती है.

कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी?

माइग्रेन को नजरअंदाज न करें. अगर दर्द बहुत तेज हो, बार-बार आए या रोज की जिंदगी प्रभावित करे, तो डॉक्टर से मिलें. खासकर अगर:

  • दर्द अचानक बहुत तेज हो (जिंदगी का सबसे बुरा सिरदर्द).
  • दर्द के साथ कमजोरी, बोलने में दिक्कत, दृष्टि खराब होना या लकवा जैसे लक्षण.
  • उल्टी से पानी की कमी हो जाए.
  • महीने में 15 दिन से ज्यादा दर्द हो.
  • पुरानी दवाएं असर न करें या लक्षण बदल जाएं.

डॉक्टर लक्षण सुनकर जांच करेंगे. जरूरत पड़े तो एमआरआई या अन्य टेस्ट कराएं. समय पर इलाज से माइग्रेन को नियंत्रित किया जा सकता है. दवाएं, जीवनशैली बदलाव और ट्रिगर से बचकर राहत मिलती है. अगर आपको ऐसे लक्षण हैं, तो जल्दी डॉक्टर से सलाह लें.

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इसे केवल सुझाव के तौर पर लें. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. (Images: Pinterest)

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