नई दिल्ली| एक नए अध्ययन के अनुसार डाइट में कार्बोहाइड्रेट की जगह ओमेगा-6 पॉलीसैचुरेटेड फैट शामिल करना चहिए जो कि अखरोट और सोयाबीन, मछली में पाया जाता है. इसके प्रयोग से डायबिटीज टाइप-2 का रोकथाम करता है और ब्लड शुगर लेवल भी कम करने में मदद करता है. Also Read - Diabetes Diet Thepla: सेहत का ख्याल रखते हुए घर पर बनाएं स्पेशल करेला थेपला, आएगा स्वाद जानें आसान रेसिपी

अध्ययन में पाया गया कि फैट और कार्बोहाइड्रेट ग्लूकोज, इंसुलिन लेवल और टाइप 2 डायबिटीज़ से जुड़ी अन्य चीजों को प्रभावित करते हैं.

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रिसर्च में 4,660 युवाओं ने भाग लिया जिन्हें फैट और कार्बोहाइड्रेट वाले कई खाद्य पदार्थ दिये गए. इसके बाद यह जांच की गई कि इस आहार का उनकी पाचन क्रिया, ब्लड शुगर, इंसुलिन प्रतिरोध और संवेदनशीलता और ब्लड शुगर के साथ मिलकर इंसुलिन बनाने की क्षमता आदि पर क्या प्रभाव पड़ता है. Also Read - DIWALI 2020: इस फेस्टिव सीजन डायबिटीज के मरीज अपनाएं ये टिप्स, नहीं पड़ेगा सेहत पर बुरा असर

खोजकर्ताओं ने पाया कि कार्बोहाइड्रेट या संतृप्त वसा वाले आहार के साथ असंतृप्त वसा या पॉलीअनसेचुरेटेड फैट वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से ब्लड ग्लूकोज नियंत्रण वाले पदार्थों के निर्माण में मदद मिलती है.

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के अध्ययनकर्ता फ्यूमियाकी इमामूरा के अनुसार विभिन्न फैट्स में से ज्यादा लगातार फायदा पॉलीअनसेचुरेटेड फैट को बढ़ाने में हुआ बजाय कि कार्बोहाइड्रेट और संतृप्त वसा के.