नई दिल्ली: कम अंतराल पर बहुत सारा एनर्जी ड्रिंक लेने से ब्‍लडप्रेशर की समस्‍या बढ़ सकती है और हार्ट की लय बाधित हो सकती है. ऊर्जा पेय में कैफीन, टॉरिन और अन्य उत्तेजक पदार्थो के उच्च स्तर होते हैं, और इनके दुष्प्रभावों को लेकर हमेशा बहस होती रही है. ये पेय बीपी बढ़ाते हैं और इससे दिल के दौरे खतरा बना रह सकता है. इसके अलावा जानलेवा अतालता या एरिदमिया रोग हो सकता है. एक रिसर्च में यह बात सामने आई है. आमतौर पर टीनेजर्स और युवा एनर्जी ड्रिंक ज्यादा लेते हैं. समय की मांग है कि उन्हें इस बारे में जागरूक किया जाए कि ऊर्जा पेय का उनके शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है. Also Read - International Yoga Day 2021: योग दिवस के मौके पर जानें कितने टाइप के होते हैं योगासन, ये हैं फायदे

हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआई) के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ.के.के. अग्रवाल का कहना है कि दो से अधिक एनर्जी ड्रिंक लेने से दिल को नुकसान पहुंच सकता है और यह एरिदमिया या असामान्य हृदय-लय जैसी स्थितियों का कारण बन सकता है. इस स्थिति में दिल धड़कने की दर या तो बहुत तेज या बहुत धीमी हो जाती है. Also Read - Men’s Health Week 2021: अगर आपकी भी उम्र 40 से है ऊपर तो जरूर करा लें ये हेल्थ चेक अप्स

डॉ.अग्रवाल ने कहा कि एनर्जी ड्रिंक शरीर के विभिन्न महत्वपूर्ण अंगों को रक्त की पर्याप्त आपूर्ति में बाधा उत्पन्न कर सकता है. एरिदमिया आमतौर पर एक बीमार हृदय में होता है और अक्सर छुपा हुआ रह सकता है. इस स्थिति का पता बाद में लगे, इससे अच्छा है कि समय पर चेकअप करा लिया जाए, वरना यह जीवन के लिए घातक हो सकता है. Also Read - Benefits of Aloe Vera: गर्मियों का ऑल राउंडर सॉल्यूशन एलो वेरा! VIDEO में जानें इसके तमाम फायदे

डॉ. अग्रवाल ने आगे कहा, “दिल को स्वस्थ रखने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की जरूरत है. डॉक्टर के रूप में, हमारी यह जिम्मेदारी बनती है कि हम मरीजों को स्वस्थ जीवनशैली जीने के लिए प्रेरित करें, ताकि वे बुढ़ापे में बीमारियों के बोझ से बच सकें. मैं अपने मरीजों को 80 साल की उम्र तक जीने के लिए 80 का फॉर्मूला सिखाता हूं.”

80 का फॉर्मूला इस प्रकार है:-

-लो ब्लड प्रेशर, लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एलडीएल) बैड कोलेस्ट्रॉल, फास्ट शुगर, हार्ट रेट और पेट के निचले हिस्से को 80 से नीचे रखें.

-किडनी और फेफड़े के कार्य 80 प्रतिशत से ऊपर रखें.

-शारीरिक गतिविधि (न्यूनतम 80 मिनट प्रति सप्ताह जोरदार व्यायाम) में व्यस्त रहें. प्रतिदिन 80 मिनट पैदल चलें, कम से कम 80 कदम प्रति मिनट की गति से 80 मिनट प्रति सप्ताह पैदल चलें.

-कम खाएं और प्रत्येक भोजन में कम 80 ग्राम या एमएल कैलोरी लें.

-निर्धारित होने पर रोकथाम के लिए 80 मिलीग्राम एटोरवास्टेटिन लें, शोर का स्तर 80 डीबी से कम रखें.

-पार्टिकुलेट मैटर पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर को 80 एमसीजी प्रति क्यूबिक मीटर से नीचे रखें.

-दिल की कंडीशनिंग वाले व्यायाम करते समय लक्ष्य हार्ट रेट 80 फीसदी रखें.