Erectile dysfunction or impotence यानी नपुंसकता एक ऐसी बीमारी है, जो शारीरिक से अधिक मानसिक है. दुनिया के तमाम युवा इस बीमारी से ग्रसित हैं, लेकिन वे सही जानकारी और परामर्श के अभाव में इससे उबर नहीं पाते हैं. नपुंसकता (Erectile dysfunction or impotence) एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें पुरुष, महिला पार्टनर के साथ सेक्स करने में असर्मथ होता है. इस बीमारी में पुरुष का लिंग सेक्स के लिए जरूरी तनाव की स्थिति को प्राप्त नहीं कर पाता है. ऐसे में वह महिला पार्टनर के साथ सेक्स करने में असमर्थ होता है. समाज में इस विषय पर बातचीत से परहेज या शर्मिंदगी के कारण युवा इस बीमारी का ठीक ढंग से इलाज नहीं करा पाते हैं. आईए हम आपको इस बीमारी के इलाज के लिए कुछ खास तरह के तेल बताते हैं, जो काफी कारगर होते हैं.

गुलाब का तेल (Rose oil): जैसा कि आपको पता है कि नपुंसकता काफी हद तक मानसिक बीमारी है. इसके पीछे अवसाद एक बड़ा कारण है. ऐसे में यह तेल अवसाद से मुक्ति दिलाने में इंसान को रिलेक्श फील कराने में बहुत कारगर होता है. इसके अलावा यह तेल आपकी यौन इच्छा को भी बढ़ाता है. इससे शुक्राणु और टेस्टोस्टेरोन उत्पादन भी बढ़ता है. इस तरह यह नपुंसकता की समस्या में काफी कारगर है.

लैवेंडर का तेल (Lavender oil): लैवेंडर मुख्य रूप से दक्षिण अफ्रीकी देशों में पाया जाने वाला एक औषधीय पौधा है. यह कई बीमारियों के इलाज में काफी कारगर है. इसका तेल नपुंसकता के इलाज में भी बेहद कारगर साबित हुआ है. इस तेल के इस्तेमाल से पुरुषों के लिंग वाले शरीर के हिस्से में रक्त का प्रवाह बढ़ता है. वैज्ञानिक तौर पर नपुंसकता की एक बड़ी वजह शरीर के निचले हिस्से में रक्त प्रवाह के बाधित होने को बताया गया है. इस कारण इस तेल के इस्तेमाल से काफी फायदा पहुंचता है.

अदरक का तेल (Ginger oil): अदरक हमारे देश के हर परिवार के किचन की एक जरूरी चीज है. इसमें एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो ऑक्सीडेटिव तनाव से बचा सकते हैं. ऑस्सीडेटिव तनाव के कारम नपुंसकता की स्थिति पैदा होती है. इसके अलावा, यह शुक्राणु बनने की प्रक्रिया को भी ठीक करता है.

तुलसी का तेल (Basil oil): तुलसी के पौधे की हमारे यहां पूजा की जाती है. इसमें तमाम औषधीय गुण होते हैं. वैज्ञानिक शोध से इसकी पुष्टि हो चुकी है कि तुलसी का तेल शुक्राणु की गतिशीलता, व्यवहार्यता और गिनती को बढ़ाने में काफी कारगत होता है.

दालचीनी तेल (Cinnamon oil): हमारे किचन में गर्म मसाले की सबसे जरूरी चीज है दालचीनी. यह एक औषधीय पदार्थ है. इसका तेल टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के लेवल को बढ़ाता है. साथ ही यह स्पर्म काउंट भी बढ़ाता है.