नई दिल्ली: इस मौसम में अक्‍सर लोग खूब पानी पीते हैं. ये अच्‍छा भी है क्‍योंकि हमें ज्‍यादा पानी की जरूरत होती है. पर जरूरत से ज्‍यादा पानी पीना भी खतरनाक हो सकता है.

एक शोध में ये बात सामने आई है. इसमें कहा गया है कि इसे रक्त में सोडियम का लेवल खतरनाक रूप से नीचे गिर सकता है, जिसके परिणामस्वरूप मस्तिष्क में सूजन हो सकती है.

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एक नए शोध में यह जानकारी सामने आई है. शोध के मुताबिक, रक्त में सोडियम का लेवल असामान्य रूप से कम होने पर हाइपोनेट्रिमिया हो जाता है. सोडियम एक इलेक्ट्रोलाइट है और यह कोशिकाओं के अंदर और आसपास पानी की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद करता है. जब कोई बहुत अधिक पानी पीता है, तो यह शरीर में पानी के स्तर में वृद्धि का कारण बनता है और कोशिकाएं सूखने लगती हैं. यह सूजन कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है, जो जानलेवा भी साबित हो सकती हैं.

हार्ट केयर फाउंडेशन (एचसीएफआई) के अध्यक्ष डॉ. के. के. अग्रवाल ने कहा, ‘अति हाइड्रेशन को आप पानी का नशा समझ सकते हैं. इस हालत में, शरीर में नमक और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स का घोल बहुत पतला हो जाता है. एक व्यक्ति जो सामान्य मात्रा में पानी पीता है, उसका मूत्र पारदर्शी पीले रंग का होता है. अधिकांश लोग मानते हैं कि मृत्र का पारदर्शी होना हाइड्रेशन का सबसे स्वस्थ संकेत है. बिना किसी रंग के मूत्र का यह संकेत भी हो सकता है कि व्यक्ति बहुत ज्यादा पानी पी रहा है’.

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उन्होंने कहा, ‘पानी का एक आदर्श स्तर एक दिन में आठ से दस गिलास का है. यह व्यक्ति की ऊंचाई, वजन और व्यायाम पैटर्न के आधार पर भिन्न हो सकता है. बहुत सारा पानी पीने या शरीर से इसे हटाने का एक प्रभावी तंत्र न होने से शरीर में पानी इकट्ठा हो सकता है. यह रक्त में महत्वपूर्ण पदार्थों को डायल्यूट या पतला करता है.’

डॉ. अग्रवाल ने बताया, ‘अति-हाइड्रेशन के कुछ सामान्य लक्षणों में मतली और उल्टी, सिरदर्द, मानसिक स्थिति में परिवर्तन जैसे भ्रम या विचलन आदि शामिल हैं. बाद में या इलाज नहीं किये जाने पर इससे मांसपेशियों की कमजोरी, स्पेज्म या ऐंठन, दौरे, बेहोशी और कोमा की स्थिति भी पैदा हो सकती है’.

उन्होंने बताया, ‘कुछ अन्य स्थितियां जो हाइपोनेटेज्मिया का कारण बन सकती हैं, उनमें शामिल हैं- कुछ दवाएं, दिल, गुर्दे, या लिवर के साथ समस्याएं, पुराने दस्त और हार्मोनल परिवर्तन. इसके कारण का पता लगाना महत्वपूर्ण है और अति-हाइड्रेशन को रोकने के लिए पर्याप्त सावधानी बरतें. ऐसा न होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है’.
(एजेंसी से इनपुट)