Widespread use of Masks:लॉकडाउन लागू करने के साथ-साथ मास्क के व्यापक स्तर पर उपयोग से कोरोना वायरस को फिर से जोर पकड़ने रोका जा सकता है. पत्रिका ‘प्रोसीडिंग्स ऑफ द रॉयल सोसाइटी ए’ में प्रकाशित एक अध्ययन में यह दावा किया गया है. अध्ययन में कहा गया है कि केवल लॉकडाउन लागू करने से कोरोना वायरस को दोबारा जोर पकड़ने से नहीं रोका जा सकता है. Also Read - जिन मरीजों में नहीं दिखता है कोरोना का लक्षण, उनकी इम्यून सिस्टम हो सकती है कमजोर, जानिए क्या अध्ययन का दावा 

अध्ययन में कहा गया है कि यदि बड़ी संख्या में लोग मास्क का प्रयोग करते हैं तो संक्रमण की दर को नाटकीय ढंग से कम किया जा सकता है. इसमें कहा गया है कि घर में बने कम प्रभाव वाले मास्क भी उपयोगी साबित हो सकते हैं. ब्रिटेन स्थित कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ता रिचर्ड स्टुटफ्रॉम ने कहा, ‘‘हमारा विश्लेषण इस बात का समर्थन करता है कि लोग तत्काल और विश्वव्यापी स्तर पर मॉस्क का उपयोग करें.’’ Also Read - अध्ययन में दावा, ई-लर्निंग के लिए करीब 56% बच्चों के पास नहीं है स्मार्टफोन

उन्होंने कहा, ‘‘यदि लोग सामाजिक दूरी बनाए रखने और कुछ हद तक लॉकडाउन के साथ-साथ मास्क का व्यापक स्तर पर उपयोग करते हैं तो यह वैश्विक महामारी से निपटने का स्वीकार्य तरीका बन सकता है और टीका आने से पहले भी आर्थिक गतिविधियां पुन: आरंभ की जा सकती हैं.’’ Also Read - अध्ययन में दावा, उपयुक्त पीपीई डॉक्टरों, नर्सों में कोरोना संक्रमण को रोकने में है प्रभावी